मजदूर मुद्दों पर उबाल: एसकेएमएस (एटक) की केंद्रीय बैठक में ठेका मजदूरों के शोषण और खदान सुरक्षा पर आंदोलन का ऐलान

जमुना-कोतमा।
जमुना कोतमा क्षेत्र के बंकिम बिहार जमुना कालरी में एसकेएमएस (एटक) के केंद्रीय पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष कामरेड कन्हैया सिंह ने की। इस दौरान केंद्रीय महासचिव एवं नवनियुक्त छत्तीसगढ़ राज्य (एटक) अध्यक्ष कामरेड अजय विश्वकर्मा, कंपनी उपाध्यक्ष मंडल, सचिव मंडल, कोषाध्यक्ष सहित 29 सदस्यीय टीम मौजूद रही। क्षेत्रीय स्तर पर सचिव अयाज अली, अध्यक्ष प्रमोद खांडई, कोषाध्यक्ष पंचू यादव समेत कई पदाधिकारी व वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक में संगठन से जुड़े प्रमुख मुद्दों के साथ केंद्र सरकार द्वारा लागू चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड) पर विस्तृत चर्चा की गई। कामरेड अजय विश्वकर्मा ने कहा कि ठेका मजदूरों के साथ भारी अन्याय हो रहा है। उन्हें न तो उचित मजदूरी मिल रही है और न ही कार्य की पर्ची दी जा रही है। मात्र 400-500 रुपये देकर 12 घंटे तक काम लिया जा रहा है, जो गंभीर शोषण का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि संगठन इस मुद्दे को लेकर व्यापक आंदोलन करेगा और मजदूरों को उनका अधिकार दिलाया जाएगा
उन्होंने खदानों में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। बताया गया कि मजदूरों को दो-दो वर्षों से गमबूट नहीं मिले हैं, आईआर (इंडस्ट्रियल रिलेशन) की प्रक्रिया प्रभावित है और जहां आईआर हो भी रहा है, वहां मिनट्स तक उपलब्ध नहीं कराए जा रहे। फंड की कमी का हवाला देकर मजदूरों की मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है, जबकि अन्य मदों में अनावश्यक खर्च जारी है। मजदूरों के जर्जर आवास भी चिंता का विषय बने हुए हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कामरेड कन्हैया सिंह ने कहा कि ठेका और स्थायी दोनों ही मजदूरों की समस्याओं को लेकर संगठन संघर्ष के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन से वार्ता के साथ-साथ चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा, ताकि मजदूरों को उनका हक मिल सके।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इन सभी मुद्दों को लेकर पूरे क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से आंदोलन किया जाएगा, जिससे मजदूरों की आवाज को मजबूती मिल सके।















































