कोतमा निवासी राम भुवन तिवारी की मृत्यु के मजिस्ट्रीटियल जांच हेतु लिखित साक्ष्य 18 अप्रैल को किए जा सकते हैं प्रस्तुत  

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अनूपपुर 16 अप्रैल 2026/ प्रकाशित समाचार दिनांक 16.03.2026 ‘‘बेटे के सामने तड़पते पिता ने तोड़ा दम, अस्पताल की लापरवाही से गई जान’’ के अनुसार कोतमा निवासी राजकुमार तिवारी ने अपने पिता राम भुवन तिवारी को शनिवार 14 मार्च सायं 7ः00 बजे सीने में दर्द होने की शिकायत होने पर कोतमा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लेकर पहुँचे। ड्यूटी में मौजूद डॉक्टर ने गम्भीरता से जांच किये बिना ही गैस की समस्या बताकर दवा दी और मरीज को घर भेज दिया। रात्रि 3.30 बजे अचानक रामभुवन तिवारी की हालत बिगडने व सीने में दर्द होने से परिजनों द्वारा दूसरी बार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कोतमा लाया गया। आरोप है कि उस समय ड्यूटी डॉक्टर रेस्ट रूम में आराम कर रहे थे। परिजनों को लगभग आधा घंटा तक दरवाजा खटखटाना पड़ा तब जाकर डॉक्टर बाहर आए। इस दौरान मरीज लगातार दर्द से तड़पता रहा तथा पीड़ित रामभुवन तिवारी की मृत्यु हो गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कोतमा के डॉक्टर के. एल. दीवान मुख्यालय में नहीं रहते हैं, लगभग 26 कि.मी. दूर बिजुरी में निवास बनाए हैं।

 

उक्त प्रकाशित समाचार के तथ्यों के अनुसार प्रथम दृष्टया मृतक रामभुवन तिवारी की मृत्यु का कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कोतमा में तत्कालीन समुचित इलाज नहीं होना प्रतीत होता है। जिस कारण क्षेत्र में आमजन के समुचित और व्यवस्थित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सकों की उपस्थिति, दवा आदि की उपलब्धता एवं आए हुए मरीजों के इलाज के संबंध में विस्तृत जांच कराये जाने हेतु उक्त घटना के कारण व बचाव के संबंध में विस्तृत मजिस्ट्रीटियल जांच हेतु कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री हर्षल पंचोली द्वारा अनुविभागीय दण्डाधिकारी कोतमा को आदेशित किया गया है। जिसके बिन्दु निर्धारित किये गये हैं कि-मृतक रामभुवन तिवारी निवासी कोतमा को कब और किन परिस्थितियों में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कोतमा में लाया गया ?, मृतक के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुँचने के समय किस चिकित्सक की ड्यूटी थी और किसके द्वारा उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कोतमा में भर्ती कर प्रारंभिक इलाज किया गया ? उक्त समय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में किन किन चिकित्सक एवं चिकित्सा कर्मचारियों की ड्यूटी थी और कौन कौन उक्त दौरान उपस्थित थे ?, रामभुवन तिवारी को प्रारम्भिक चिकित्सा के दौरान किसके द्वारा और किन परिस्थितियों में वापस घर भेजा गया तथा दूसरी बार रामभुवन तिवारी को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाने के दौरान कौन चिकित्सा अधिकारी उपस्थित थे और कितने बजे सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र लाया गया और कितने बजे उपचार प्रारम्भ किया गया ?, रामभुवन तिवारी का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में किसके द्वारा और क्या-क्या ईलाज किया गया? विस्तृत विवरण ?, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ चिकित्सक एवं चिकित्सा कर्मचारियों का नाम एवं उनके निवास की जानकारी ?, क्या रामभुवन तिवारी को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कोतमा लाये जाने पर उनका समुचित उपचार किया गया व चिकित्सा के मान संचालन प्रकिया का पालन किया गया ?, जांच के दौरान पाये गये अन्य महत्वपूर्ण तथ्य या सामग्री ?

 

उक्त घटना की पुनरावृत्ति न हो इस हेतु आवश्यक सुझाव व पाये गये तथ्य का उल्लेख चाहा गया है। अतएव उपरोक्त बिन्दुओं के संबंध में जो व्यक्ति लिखित साक्ष्य/दस्तावेजी साक्ष्य एवं कथन देना चाहते हैं, तो वे 18 अप्रैल 2026 को प्रातः 11ः00 बजे से सायं 5ः00 बजे तक न्यायालय अनुविभागीय दण्डाधिकारी कोतमा में उपस्थित होकर प्रस्तुत कर सकते हैं।

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