एमसीबी/मनेन्द्रगढ़। जिले में किसानों को समय पर और उचित दर पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिये जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए उर्वरक कालाबाजारी के खिलाफ बड़ी कार्यवाही की है। कलेक्टर एमसीबी के निर्देश पर बुधवार को विकासखंड मनेन्द्रगढ़ में जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा उर्वरक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया जिसमें कई अनियमितताएं सामने आईं।
निरीक्षण के दौरान आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 एवं उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर तत्काल प्रभाव से उर्वरक विक्रय पर रोक लगा दी गई। जांच में पाया गया कि कई दुकानों में स्टॉक बोर्ड एवं मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं की जा रही थी। स्टॉक रजिस्टर का संधारण नहीं किया जा रहा था। बिना वैध प्राधिकार पत्र उर्वरकों का विक्रय किया जा रहा था तथा पी.ओ.एस. मशीन से रसीद जारी नहीं की जा रही थी जिससे स्टॉक में भी अंतर पाया गया। कार्यवाही के तहत संबंधित प्रतिष्ठानों के उर्वरक स्टॉक के विक्रय पर 21 दिनों के लिये प्रतिबंध लगाया गया है तथा 7 दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के लिये कारण बताओ नोटिस जारी किये गये हैं। अवैध भंडारण पाये जाने पर स्टॉक को नियंत्रित कर तत्काल विक्रय रोक दिया गया है।
इस दौरान केल्हारी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ग्राम दुगला में 61 बैग एसएसपी (श्री तुलसी फॉस्फेट लिमिटेड) का अवैध भंडारण, स्टॉक रजिस्टर में लापरवाही और पी.ओ.एस. अनियमितता पाई गई जिस पर विक्रय प्रतिबंधित किया गया वहीं, रवि बीज भंडार केल्हारी में बिना प्राधिकार पत्र उर्वरक एवं बिना प्रिंसिपल सर्टिफिकेट कीटनाशी विक्रय करते पाये जाने पर NPK (2 बैग), SSP (5 बैग) एवं MOP (10 किग्रा) के अवैध भंडारण पर रोक लगाई गई।
यह पूरी कार्यवाही उप संचालक कृषि के मार्गदर्शन में संपन्न हुई जिसमें जिला स्तरीय उर्वरक निरीक्षक एवं नोडल अधिकारी महेश पैकरा, उर्वरक निरीक्षक जितेन्द्र झा सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अनियमितता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जायेगी तथा दोषी प्रतिष्ठानों के विरुद्ध लाइसेंस निरस्तीकरण सहित कड़ी कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।
















