अनूपपुर/13 मार्च/शशिधर अग्रवाल/तीन हाथियों का समूह 79 दिन तक जैतहरी एवं अनूपपुर के इलाके में विचरण करते हुए बुधवार एवं गुरुवार की मध्य रात्रि धनगवां बीट के जंगल से कई गांव को पार करते हुए गुरुवार की सुबह जैतहरी नगर के बस स्टैंड,रेलवे लाईन से होकर गोबरी एवं पगना के जंगल में पहुंचकर दिन में ठहरे हुए गुरुवार एवं शुक्रवार की रात पगना गांव के कई किसानों के खेतों में लगी फसलों को अपना आहार बनाते हुए शुक्रवार को फिर इसी जंगल में ठहरे हुए हैं।
तीन हाथियों का समूह वन परिक्षेत्र,थाना एवं तहसील जैतहरी के धनगवां बीट के जंगल एवं अनूपपुर वन परिक्षेत्र,थाना एवं तहसील के कई गांव में निरंतर 79 दिनों तक विचरण कर रात होने पर ग्रामीणों के घरों एवं खेतों में लगी विभिन्न तरह की फसलो को अपना आहार बनाया जो बुधवार की साम धनगवां बीट के जंगल जो ग्राम पंचायत क्योटार के कुसुमहाई गांव से लगा हुआ है से निकलकर कुसुमहाई,पटौराटोला,टकहुली,लहरपुर में कई किसानों के फसलों को खाते हुए एक ग्रामीण के घर तोड़फोड़ कर गुरुवार की सुबह जैतहरी नगर में पहुंचकर मुख्य मार्ग,बस स्टैंड से बंजारी टोला से रेलवे लाईन पारकर तिपान नदी से गोबरी बीट के जंगल में पहुंचकर दिनभर विश्राम करने बाद गुरुवार की शाम होती ही शक्तिकुन्डी जंगल जो अनूपपुर थाना एवं वन परिक्षेत्र के दुधमनिया बीट अंतर्गत ग्राम पंचायत पगना के बरटोला में निकल कर पूरी रात विचरण करते हुए किसानों के खेतों में लगे गेहूं,चना एवं मटर की फसलो को आहार बनाकर पेट भरने पर शुक्रवार की सुबह दूसरे दिन पगना एवं गोबरी के बीच स्थित जंगल में ठहरे हुए हैं 81 दिनों से हाथियों के विचरण के कारण ग्रामीण जन परेशान है वही जिले के जनप्रतिनिधियों,जिला प्रशासन एवं वन विभाग के द्वारा हाथियों को जिले से बाहर किए जाने का किसी भी तरह का प्रयास अब तक नहीं किए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी है वहीं ग्रामीणो के हाथियों द्वारा किए गए घर,खेतों में लगी फसलों के नुकसान का राहत प्रकरण नहीं बनने अब तक भुगतान नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी दिख रही है कई तरह की समस्याओं के कारण ग्रामीण जन अपना गुस्सा हाथियों के विचरण पर निगरानी रखने एवं ग्रामीणों की सुरक्षा में लगे वन विभाग के गश्ती दल के अधिकारियों/कर्मचारियों को सुनना पड़ रहा है।
रिपोर्ट शशिधर अग्रवाल अनूपपुर








