ब्यूरो रिपोर्ट शैलेंद्र जोशी
धार शहर के बौरासी मोहल्ला फड़फे मार्ग क्षेत्र में स्थित एक प्राचीन शिव मंदिर को लेकर विवाद सामने आया है। इस मामले में अखिल भारतीय बोरासी समाज जिला धार के समाजजनों ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर अवैध मादक पदार्थों के कारोबार और गलत एफआईआर दर्ज कराने के आरोप लगाए हैं।
समाजजनों द्वारा दिए गए आवेदन में बताया गया है कि क्षेत्र में स्थित प्राचीन शिव मंदिर में आसपास के लोग नियमित रूप से पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। आरोप है कि इसी परिसर के आसपास कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से गांजा, कोकीन और अन्य मादक पदार्थों की अवैध बिक्री की जा रही है। आवेदन में दीपक बौरासी और उसके साथियों पर इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।
आवेदन के अनुसार, रंग पंचमी की पूर्व संध्या 7 मार्च 2026 को दिनेश बौरासी के तीन पहिया वाहन में तोड़फोड़ की घटना हुई थी। अगले दिन 8 मार्च को जब दिनेश बौरासी इस मामले में बातचीत करने पहुंचे तो आरोप है कि उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। बीच-बचाव करने पहुंचे राजू बौरासी, उनके पुत्र तुषार और उनकी पत्नी के साथ भी लाठी-डंडों से मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है, जिससे उन्हें चोटें आईं और उनका उपचार जारी बताया जा रहा है।
समाजजनों का कहना है कि स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया था। हालांकि आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों द्वारा मामले की गलत जानकारी देकर पुलिस पर दबाव बनाया गया, जिसके बाद एक पक्ष की एफआईआर दर्ज कर ली गई, दूसरे पक्ष के आवेदन की जांच की जा रही है
अखिल भारतीय पासी समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिन लोगों पर अवैध मादक पदार्थों के कारोबार और समाज में विवाद फैलाने के आरोप लगाए गए हैं, उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए।
फिलहाल पुलिस प्रशासन द्वारा आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है।






