मनेन्द्रगढ़। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जिला एमसीबी द्वारा शताब्दी वर्ष के अवसर पर स्थानीय दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल मनेन्द्रगढ़ के सभागार में एक प्रभावशाली जन गोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मध्य क्षेत्र के प्रचार प्रमुख कैलाश चंद्र ने मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए ‘पंच परिवर्तन’ के विषय पर विस्तृत प्रबोधन दिया।
अपने उद्बोधन में उन्होंने हिंदू जीवन दर्शन को सरल एवं प्रेरणादायक ढंग से प्रस्तुत करते हुए महापुरुषों के जीवन प्रसंगों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि परोपकार ही परम धर्म है और कर्म ही मनुष्य का सच्चा पुरुषार्थ है। श्रीकृष्ण के गीता संदेश का उल्लेख करते हुए उन्होंने कर्मयोग की महत्ता पर बल दिया और कहा कि व्यक्ति को अपने जीवन में ‘स्व’ का बोध होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने भारतीय संस्कृति के मूल्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि “मातृवत् परदारेषु, परद्रव्येषु लोष्ठवत” हमारी सभ्यता की पहचान है जो हमें श्रेष्ठ आचरण की प्रेरणा देती है। उन्होंने अभिभावकों से विशेष रूप से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को संस्कारित करने पर ध्यान दें क्योंकि सशक्त समाज का निर्माण अच्छे संस्कारों से ही संभव है।
कैलाश चंद्र ने उपस्थित जनसमूह से संघ कार्यों के माध्यम से समाज सेवा में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मातृशक्ति सहित गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही जिससे आयोजन की गरिमा और बढ़ गई। कार्यक्रम के अंत में जिला संघचालक नीरज अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विभाग संघचालक प्रणव चक्रवर्ती और नगर संघचालक रमेश धर दीवान भी उपस्थित रहे। वंदेमातरम् के सामूहिक गायन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।















