ब्यूरो रिपोर्ट शैलेंद्र जोशी
मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने अपने मांडू प्रवास के दौरान यहां की विश्व प्रसिद्ध बाग प्रिंट कला और ऐतिहासिक विरासत का करीब से अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय कलाकार नेहा जायसवाल के केंद्र पहुंचकर पारंपरिक बाग प्रिंट की बारीकियों को समझा और जनजातीय महिलाओं के कार्यों की सराहना की।
राज्यपाल ने बाग प्रिंटिंग की पूरी प्रक्रिया को देखा, जिसमें कपड़े को भिगोना, हरड़ा पाउडर का उपयोग और फिटकरी व हल्दी जैसे प्राकृतिक रंगों से डिज़ाइन तैयार करना शामिल है। कलाकार ने जानकारी दी कि एक कपड़े को तैयार करने में करीब 25 दिन का समय लगता है। इस अवसर पर राज्यपाल ने हथकरघा का फीता काटकर उद्घाटन भी किया।
उन्होंने जनजातीय महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ये महिलाएं न सिर्फ पारंपरिक कला को जीवित रख रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में भी प्रेरणादायक कार्य कर रही हैं। साथ ही ‘रानी रूपमती हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट’ के माध्यम से नए स्टार्टअप की पहल की जानकारी भी दी गई, जिस पर राज्यपाल ने शुभकामनाएं दीं।
इसके अलावा राज्यपाल ने मांडू के ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कर यहां की अद्वितीय स्थापत्य कला और प्राचीन जल प्रबंधन प्रणाली की सराहना की। उन्होंने रात्रि में आयोजित ‘लाइट एंड साउंड शो’ का भी अवलोकन किया, जिसमें मांडू के इतिहास, सुल्तान बाजबहादुर और रानी रूपमती की प्रेम गाथा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
राज्यपाल ने कहा कि ऐसे आयोजनों से पर्यटकों को हमारे गौरवशाली अतीत को समझने में मदद मिलती है।
राज्यपाल के दौरे के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, कलेक्टर प्रियंक मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।












