पसान में श्रीराम कथा का आठवां दिन: मंत्री दिलीप जायसवाल व एसईसीएल महाप्रबंधक प्रभाकर राम त्रिपाठी पहुंचे, आस्था के सागर में डूबे श्रद्धालु

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पसान में श्रीराम कथा का आठवां दिन: मंत्री दिलीप जायसवाल व एसईसीएल महाप्रबंधक प्रभाकर राम त्रिपाठी पहुंचे, आस्था के सागर में डूबे श्रद्धालु

जमुना-कोतमा। रामनवमी पसान में आयोजित 10 दिवसीय भव्य श्रीराम कथा एवं शतचंडी महायज्ञ में आस्था का विराट संगम देखने को मिल रहा है। सातवें दिन राम वनवास और भरत मिलाप के अत्यंत मार्मिक प्रसंग ने हजारों श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया, वहीं आठवें दिन कथा श्रवण के लिए मध्य प्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामीण उद्योग मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल तथा एसईसीएल जमुना-कोतमा क्षेत्र के महाप्रबंधक प्रभाकर राम त्रिपाठी विशेष रूप से कथा स्थल पहुंचे। दोनों अतिथियों ने श्रद्धापूर्वक कथा का श्रवण किया और आयोजन की भव्यता की सराहना की

अंतरराष्ट्रीय कथा प्रवक्ता राजीव लोचन शास्त्री ने भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, मर्यादा और आदर्श जीवन का संदेश दिया। सातवें दिन उन्होंने राम वनवास और भरत मिलाप के मार्मिक प्रसंग का वर्णन किया, जिसे सुनकर कथा पंडाल में उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। भगवान श्रीराम द्वारा पिता के वचन की रक्षा के लिए राजपाट का त्याग कर वनवास स्वीकार करने की कथा ने त्याग, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा का अद्भुत संदेश दिया

भरत मिलाप के प्रसंग का वर्णन करते समय कथा स्थल पर भावुक वातावरण बन गया। जब भरत अपने बड़े भाई श्रीराम से मिलने वन पहुंचे और उनका चरणस्पर्श कर अयोध्या लौटने का आग्रह किया, तो उस प्रेम और समर्पण की कथा सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। पूरे पंडाल में बार-बार “जय श्रीराम” के जयघोष गूंजते रहे और वातावरण भक्तिमय हो गया

आठवें दिन की कथा में मां शबरी प्रसंग और राम-हनुमान मिलन का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसने श्रद्धालुओं के मन में भक्ति और समर्पण की भावना को और प्रगाढ़ कर दिया। कथा के दौरान मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में संस्कार, नैतिकता और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करते हैं। वहीं महाप्रबंधक प्रभाकर राम त्रिपाठी ने भी आयोजन की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण को सुदृढ़ करने वाला बताया

कार्यक्रम के अंत में वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा मनमोहक भक्ति नृत्य की प्रस्तुति दी गई, जो कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही। कलाकारों की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया और पूरे पंडाल में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी

इस भव्य धार्मिक आयोजन के सफल संचालन में आयोजक आशीष मिश्रा की अहम भूमिका रही। उनके मार्गदर्शन में पूरे आयोजन की व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही हैं। आयोजन समिति के सदस्य भी श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं।

कथा स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष, युवा और बुजुर्ग श्रद्धालु पहुंचकर श्रद्धा-भाव से कथा का श्रवण कर रहे हैं। पसान में चल रहा यह आयोजन पूरे क्षेत्र में धार्मिक आस्था, भक्ति और सांस्कृतिक एकता का संदेश दे रहा है, जिससे वातावरण पूर्णतः भक्तिमय बना हुआ है।

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