मिशन वात्सल्य के तहत बाल संरक्षण पर जिला स्तरीय प्रशिक्षण एवं कार्यशाला आयोजित
कोयलांचल समाचार ब्यूरो अरुण द्विवेदी की रिपोर्ट
शहडोल।
भारत सरकार द्वारा संचालित मिशन वात्सल्य के अंतर्गत बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के स्टेकहोल्डर्स के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन शहडोल में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बाल संरक्षण से संबंधित योजनाओं एवं कानूनों की जानकारी प्रदान करना तथा संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को बच्चों के सर्वोत्तम हित में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करना रहा
जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्र ने जानकारी देते हुए बताया कि बाल संरक्षण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा मिशन वात्सल्य का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसी के तहत जिले में कार्यरत सभी संबंधित स्टेकहोल्डर्स को एक मंच पर लाकर उन्हें बाल अधिकारों, सुरक्षा और संरक्षण से जुड़े प्रावधानों की विस्तृत जानकारी देने के लिए इस कार्यशाला का आयोजन किया गया
कार्यक्रम में वक्ता के रूप में उपस्थित श्री प्रदीप सिंह ने बाल अधिकारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए किशोर न्याय अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने किशोर न्याय बोर्ड की कार्यप्रणाली, बाल अपराध से जुड़े मामलों की सुनवाई की प्रक्रिया तथा बच्चों के पुनर्वास के उपायों के बारे में विस्तार से बताया।
कार्यशाला में बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष श्रीमती कल्याणी वाजपेयी ने देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ऐसे बच्चों को सुरक्षित वातावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है।
वहीं जिला अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष एवं एडवोकेट श्री सतीश पाठक ने पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराधों के मामलों में कानून किस प्रकार सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करता है। उन्होंने बच्चों को उपलब्ध विधिक उपचार, सहायता सेवाओं और न्यायिक प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से बताया।
कार्यक्रम में बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न विभागों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इसमें बाल कल्याण समिति के सदस्य श्री अभिषेक चौकसे, अजय मिश्र, विशेष किशोर पुलिस इकाई के बाल संरक्षण अधिकारी, विधिक सेवा प्राधिकरण के पीएलवी सदस्य, पॉक्सो सपोर्ट पर्सन, विभिन्न अशासकीय संगठनों के सामाजिक कार्यकर्ता, बाल देखरेख संस्थाओं के अधीक्षक व केस वर्कर तथा जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला के माध्यम से बाल संरक्षण से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स को कानून, योजनाओं और प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई, जिससे जिले में बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता को और अधिक मजबूत किया जा सके।








