एमसीबी। बदलते दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवा रही हैं। घर की चौखट से निकलकर अब महिलाएं प्रशासन, राजनीति, शिक्षा और समाज सेवा के महत्वपूर्ण पदों पर पहुंचकर नई मिसाल कायम कर रही हैं। नवीन जिला मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर (एमसीबी) भी महिला सशक्तिकरण की इसी प्रेरक तस्वीर को सामने ला रहा है जहां प्रशासनिक व्यवस्था से लेकर जनप्रतिनिधित्व तक कई अहम जिम्मेदारियां महिलाओं के कंधों पर हैं।
जिले में वर्तमान समय में 16 महिला प्रशासनिक अधिकारी और 6 महिला जनप्रतिनिधि विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं। ये महिलाएं अपने-अपने क्षेत्र में जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और कुशल नेतृत्व के साथ प्रशासनिक कार्यों को आगे बढ़ा रही हैं। यह स्थिति ना केवल महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है बल्कि समाज में उनके प्रति बदलती सोच और विश्वास का भी प्रतीक है। आज की महिलाएं आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ हर चुनौती का सामना कर रही हैं। प्रशासनिक निर्णयों से लेकर विकास योजनाओं के क्रियान्वयन तक उनकी भूमिका महत्वपूर्ण बन गई है। एमसीबी जिले में महिलाओं का यह सशक्त नेतृत्व समाज में सकारात्मक बदलाव और नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
*प्रशासनिक नेतृत्व में महिलाओं की मजबूत भागीदारी*
जिले में कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह के हाथों में है जो अपने नेतृत्व में पुलिस प्रशासन को प्रभावी और सुदृढ़ दिशा दे रही हैं वहीं जिले के विकास कार्यों और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंकिता सोम निभा रही हैं। इसके अलावा कई महिला अधिकारी विभिन्न प्रशासनिक विभागों में अपनी सेवाएं दे रही हैं। इनमें नम्रता आनंद डोंगरे (अपर कलेक्टर), श्रीमती इंदिरा मिश्रा (डिप्टी कलेक्टर), शशिकला पैकरा (जिला आबकारी अधिकारी), अंकिता मरकाम (सहायक आयुक्त आदिवासी विकास), श्रुति धुर्वे (तहसीलदार मनेन्द्रगढ़), उमंग जैन (तहसीलदार), सतरूपा साहू (तहसीलदार केल्हारी), सिद्धि गबेल (तहसीलदार खड़गवां), वैशाली सिंह (सीईओ जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ़), अंजना वाइकिल्फ (सीएमओ नगर पंचायत लेदरी), दीपिका मिंज (सीएसपी चिरमिरी), तरशीला टोप्पो (डीएसपी), सुश्री आराधना बनोदे (सिटी कोतवाली थाना मनेन्द्रगढ़) तथा विनीता चौरासे (जिला विपणन अधिकारी) शामिल हैं। ये सभी अधिकारी अपने-अपने दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करते हुए जिले की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बना रही हैं।
*जनप्रतिनिधित्व में भी महिलाओं की सशक्त उपस्थिति*
प्रशासनिक तंत्र के साथ-साथ स्थानीय शासन व्यवस्था में भी महिलाओं की सक्रिय भागीदारी दिखाई दे रही है। एमसीबी जिले में 6 महिला जनप्रतिनिधि पंचायत और नगरीय निकायों में नेतृत्व करते हुए जमीनी स्तर पर विकास कार्यों को गति दे रही हैं।
इनमें जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह, जनपद पंचायत खड़गवां की अध्यक्ष श्याम बाई मरकाम, जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ़ की अध्यक्ष जानकी बाई कुसरो, नगर पालिका परिषद मनेन्द्रगढ़ की अध्यक्ष प्रतिमा यादव, नगर पंचायत झगराखाण्ड की अध्यक्ष
रीमा यादव और नगर पंचायत खोंगापानी की अध्यक्ष ललिता यादव
शामिल हैं। ये जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही महिलाओं, बच्चों और सामाजिक विकास से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए जनहित के कार्यों को आगे बढ़ा रही हैं।
*प्रेरणा बन रहा जिला एमसीबी*
घरेलू जिम्मेदारियों और सार्वजनिक जीवन के दायित्वों के बीच संतुलन बनाते हुए एमसीबी जिले की महिलाएं प्रशासन और विकास की नई मिसाल पेश कर रही हैं। उनकी सक्रियता और नेतृत्व क्षमता यह साबित करती है कि अवसर और विश्वास मिलने पर महिलाएं किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। एमसीबी जिले में महिला नेतृत्व की यह मजबूत उपस्थिति ना केवल नारी सशक्तिकरण का प्रतीक है बल्कि आने वाली पीढ़ी की बेटियों के लिये भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है। यह संदेश भी देती है कि समाज के समग्र विकास के लिये महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व अत्यंत आवश्यक है।















