महिला सम्मान के संदेश के बीच महिला से अभद्रता का आरोप! क्वार्टर विवाद में घर में घुसकर गाली-गलौज व तोड़फोड़ की कोशिश, कार्रवाई नहीं
कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी ने महिला कर्मचारियों की सुरक्षा व सम्मान की कही बात, बिजुरी में महिला ने लगाया उत्पीड़न का आरोप
बिजुरी/अनूपपुर
एक ओर केंद्र सरकार और कोल इंडिया में महिला कर्मचारियों के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर बड़े-बड़े संदेश दिए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अनूपपुर जिले के बिजुरी क्षेत्र में एक महिला कर्मचारी के परिवार के साथ कथित तौर पर अभद्रता और दबाव बनाने का मामला सामने आया है। पीड़ित महिला ने आरोप लगाया है कि क्वार्टर विवाद को लेकर कुछ लोगों ने घर में घुसकर गाली-गलौज की और दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया। इस मामले में पुलिस और अधिकारियों से शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है।
दरअसल हाल ही में कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कोल इंडिया लिमिटेड की सभी महिला कर्मचारियों के नाम एक पत्र जारी कर उन्हें सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर देने की प्रतिबद्धता दोहराई थी। पत्र में कहा गया है कि कोल इंडिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है और संगठन हर महिला को गरिमा, सुरक्षा और समान अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है।
इसी बीच बिजुरी क्षेत्र में सामने आए इस विवाद ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार कोरजा कॉलरी के कर्मचारी अरुण कुमार सिंह को कंपनी द्वारा क्वार्टर क्रमांक M-111 आवंटित किया गया था। इससे पहले यह क्वार्टर RWS बिजुरी की महिला कर्मचारी ननकी बाई के नाम अभिरक्षा में था। कंपनी द्वारा आवंटन निरस्त कर नया आवंटन किए जाने के बाद विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।
पीड़ित पक्ष के अनुसार क्वार्टर को लेकर पहले 10 हजार रुपये की मांग की गई और बाद में यह मांग 4 हजार रुपये तक पहुंच गई। बताया गया कि इस संबंध में नगर पालिका की एक पार्षद के माध्यम से भी संपर्क कर राशि देने का दबाव बनाया गया, लेकिन अरुण कुमार सिंह की पत्नी प्रेरणा सिंह ने पैसे देने से इनकार कर दिया।
आरोप है कि 20 फरवरी 2026 को ननकी बाई अपने कथित मुंहबोले बेटे सूरज, दामाद और बहू के साथ क्वार्टर में पहुंच गईं और घर के अंदर घुसकर प्रेरणा सिंह के साथ गाली-गलौज करने लगीं। इस दौरान आंगन के पीछे बने दरवाजे को तोड़कर निकलने का प्रयास भी किया गया। घटना के दौरान डरी-सहमी प्रेरणा सिंह ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया।
पीड़िता के अनुसार उन्होंने इस मामले की जानकारी कंपनी के कार्मिक विभाग के एचआर अधिकारी बालाजी को दी। इसके बाद सुरक्षा गार्ड को निर्देशित किया गया, लेकिन मौके पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद प्रेरणा सिंह ने उपक्षेत्रीय प्रबंधक एस.के. मित्रा को लिखित शिकायत भी सौंपी।
साथ ही 21 फरवरी 2026 को बिजुरी थाने में भी शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन पीड़ित पक्ष का आरोप है कि अब तक पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब एक ओर सरकार और कोल इंडिया महिला सम्मान और सशक्तिकरण की बात कर रहे हैं और स्वयं केंद्रीय मंत्री महिला कर्मचारियों के लिए गरिमा और सुरक्षा का संदेश दे रहे हैं, ऐसे में यदि किसी महिला के साथ इस प्रकार की घटना सामने आती है और उस पर कार्रवाई नहीं होती तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
अब सभी की नजर प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी है कि इस मामले में जांच कर दोषियों पर कब तक कार्रवाई की जाती है और पीड़ित महिला को न्याय कब मिलता है


















