अनूपपुर 02 अप्रैल 2026/ रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी 15 अप्रैल 2026 से की जाएगी। गेहूं उपार्जन हेतु जिले में 06 गेहूं उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं। कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने इन उपार्जन केन्द्रों के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों की नोडल अधिकारी/पर्यवेक्षण अधिकारी के रूप में ड्यूटी लगाई है। उन्होंने तहसील अनूपपुर के आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्या. पटनाकला अंतर्गत कृषि उपज मंडी अनूपपुर हेतु कृषि विस्तार अधिकारी श्री अंकित पवार को नोडल अधिकारी तथा जिला आपूर्ति अधिकारी श्रीमती अनीता सोरते को पर्यवेक्षण अधिकारी, आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्या. दुलहरा अंतर्गत मां शारदा फूड प्रोसेसिंग बी.ओ.टी. बरबसपुर हेतु कृषि विस्तार अधिकारी श्री राजेश ब्राम्हणे को नोडल अधिकारी तथा जिला प्रबंधक एमपीडब्ल्यूएलसी श्रीमती प्रियंका पडारिया को पर्यवेक्षण अधिकारी, आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्या. मझगवां (फुनगा) अंतर्गत शारदा फूड प्रोसेसिंग बीओटी बी गोदाम पयारी हेतु कृषि विस्तार अधिकारी श्री महावीर सिंह मरावी को नोडल अधिकारी तथा वरिष्ठ सहकारिता निरीक्षक श्री अनुज ओहदार को पर्यवेक्षण अधिकारी बनाया गया है। इसी प्रकार तहसील जैतहरी के आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्या. धनगवां अंतर्गत सिंह वेयरहाऊस छातापटपर हेतु कृषि विस्तार अधिकारी श्री नरेन्द्र जमरा को नोडल अधिकारी तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री विनोद परस्ते को पर्यवेक्षण अधिकारी बनाया गया है।
तहसील कोतमा के आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्या. बिजुरी अंतर्गत बतूल वेयरहाउस कोतमा हेतु कृषि विस्तार अधिकारी श्री वैभव पारासर को नोडल अधिकारी तथा नोडल अधिकारी सीसीबी अनूपपुर श्री निर्मल पाण्डेय को पर्यवेक्षण अधिकारी बनाया गया है। तहसील पुष्पराजगढ़ के आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्या. राजेन्द्रग्राम अंतर्गत एमपीडब्ल्यूएलसी गोदाम राजेन्द्रग्राम हेतु कृषि विस्तार अधिकारी सुश्री आराधना सोलंकी को नोडल अधिकारी तथा सहायक संचालक कृषि श्रीमती वर्षा त्रिपाठी को पर्यवेक्षण अधिकारी बनाया गया है।
कलेक्टर ने सभी नोडल/पर्यवेक्षण अधिकारियों को उनके उपार्जन केन्द्र में उपार्जित किए जा रहे उपज की सतत निगरानी एवं निरीक्षण करते हुए दायित्व का निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध भौतिक एवं मानव संसाधन/सुविधाओं का सत्यापन, किसानों से उपार्जन की प्रगति, उपार्जन एवं उसकी गुणवत्ता तथा समयावधि में उपार्जित गेहूं का केन्द्र से परिदान तथा कृषकों की गेहूं उपार्जन के संबंध में उपार्जन केन्द्र पर आने वाली समस्या का निराकरण करने को कहा है।














