कोयलाआंचल समाचार के लिए रिपोर्टर शशिधर अग्रवाल
अनूपपुर। जिले के वन क्षेत्रों में हाथियों की लगातार आवाजाही से ग्रामीण अंचलों में दहशत का माहौल बना हुआ है। चार हाथियों का दल दो हिस्सों में बंटकर अलग-अलग क्षेत्रों में विचरण कर रहा है, जिससे किसानों की फसल और ग्रामीणों की संपत्ति को नुकसान पहुंच रहा है। ताजा जानकारी के अनुसार तीन हाथियों का समूह वन परिक्षेत्र राजेंद्रग्राम के पटना बीट से निकलकर सोमवार सुबह जैतहरी के गोवरी बीट अंतर्गत जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहा है, जबकि एक हाथी का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है।
जानकारी के मुताबिक तीनों हाथियों ने रविवार रात कई गांवों से गुजरते हुए खेतों में लगी एवं रखी फसलों को नुकसान पहुंचाया। यह दल बेनीबारी बीट से निकलकर कोहका, बम्हनी, बसनिहा, राजेंद्रग्राम और धर्मदास होते हुए आगे बढ़ा। रात में हवेली पंचायत के आमाटोला निवासी बुटारी सिंह और हर्रई पंचायत के डोकराटोला निवासी टोप सिंह के खेतों में फसल खाकर नुकसान पहुंचाया। इसके बाद यह समूह बैहार, औढेरा, आरदा, ठेही, बड़काटोला, केकरपानी और बांका के जंगलों से होते हुए लगभग 15 से 20 किलोमीटर की दूरी तय कर गोवरी के झुरहीतलैया जंगल में पहुंचा, जहां वर्तमान में विश्राम कर रहा है।
वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है। वन परिक्षेत्र अधिकारी अमरकंटक वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, जैतहरी के विवेक मिश्रा सहित अन्य अमला रातभर ग्रामीणों के साथ समन्वय बनाकर हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। समय पर सूचना मिलने से ग्रामीण सतर्क रहे और किसी भी प्रकार की जनहानि की घटना सामने नहीं आई।
वहीं दूसरी ओर, एक अकेला हाथी अनूपपुर वन परिक्षेत्र के पोंड़ी एवं भोलगढ़ बीट क्षेत्र में लगातार उत्पात मचाने के बाद लापता हो गया है। इस हाथी ने बरबसपुर के बघमंडा जंगल में थानू सिंह के कच्चे मकान में तोड़फोड़ की तथा खेतों में रखी फसलों को नुकसान पहुंचाया। इसके बाद चटुआ गांव में समयलाल पाव के घर में घुसकर तोड़फोड़ की और अनाज खा गया। इस दौरान परिवार के लोग जान बचाकर भागे।
वन विभाग के अनुसार उक्त हाथी के पोंड़ी और भोलगढ़ के जंगलों में होने की संभावना है, जिसकी तलाश लगातार जारी है। विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने, रात में अकेले बाहर न निकलने और किसी भी प्रकार की सूचना तत्काल वन अमले को देने की अपील की है।
लगातार हाथियों की आवाजाही से क्षेत्र के ग्रामीणों में भय व्याप्त है, वहीं वन विभाग की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके

















