जमुना खदान के पास जंगल में भीषण आग, हजारों पौधे व जीव-जंतु जलकर खाक; घंटों बाद पहुंचा वन अमला

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जमुना खदान के पास जंगल में भीषण आग, हजारों पौधे व जीव-जंतु जलकर खाक; घंटों बाद पहुंचा वन अमला

जमुना कोतमा कोतमा वन परिक्षेत्र अंतर्गत जमुना खदान के पास मंगलवार को जंगल में भीषण आग लगने से हजारों छोटे पेड़-पौधे, झाड़ियां तथा वन्य जीव-जंतुओं को भारी नुकसान पहुंचा। सुबह लगी आग धीरे-धीरे जंगल के कई हिस्सों में फैल गई, जिससे वन क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना वन विभाग को दी, लेकिन कई घंटे तक जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंच सके। बाद में बीट गार्ड मनोज चौधरी अपने एक साथी के साथ मौके पर पहुंचे और घंटों मशक्कत कर आग पर काबू पाने का प्रयास करते नजर आए

बताया जा रहा है कि वन क्षेत्र में नियमित गश्त नहीं होने के कारण आए दिन जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। आग के कारण जंगल की हरियाली नष्ट होने के साथ-साथ पर्यावरण और वन्य जीवों पर भी गंभीर असर पड़ रहा है

बीट गार्ड मनोज चौधरी ने बताया कि इन दिनों महुआ फूल चुनने के लिए ग्रामीण जंगल में आते हैं और पेड़ों के आसपास जमा खरपतवार साफ करने के बजाय उसमें आग लगा देते हैं, जिससे आग तेजी से फैल जाती है। वहीं रेंजर हरीश तिवारी ने कहा कि कई बार असामाजिक तत्व जंगल से गुजरते समय बीड़ी सुलगाकर फेंक देते हैं, जिससे भी आग लग जाती है। उन्होंने कहा कि जंगलों से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए, क्योंकि यही हमारे जीवन और आजीविका का महत्वपूर्ण आधार हैं

हर साल गर्मियों में बनती है ऐसी स्थिति
जंगलों में आग लगने की घटनाएं लगभग हर साल गर्मी के मौसम में सामने आती हैं, लेकिन इसके बावजूद वन विभाग द्वारा पहले से कोई ठोस तैयारी या कार्ययोजना नहीं बनाई जाती। आग लगने के बाद उसे बुझाना बेहद कठिन हो जाता है और तब तक जंगल के बड़े हिस्से को नुकसान हो चुका होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी शुरू होने से पहले ही फायर लाइन बनाना, नियमित गश्त बढ़ाना और ग्रामीणों को जागरूक करना जरूरी है, ताकि जंगलों को आग से बचाया जा सके और पर्यावरण को होने वाले नुकसान को रोका जा सके

इनका कहना है

“मैं अभी अनूपपुर पेशी में खड़ा हूं, बाद में बात करता हूं
— हरीश तिवारी, रेंजर कोतमा

“वह मेरा बीट नहीं है, फिर भी वहां के बीट गार्ड मनोज को सूचना दे देता हूं
— बिहारी लाल रजक, फॉरेस्ट गार्ड

मैं अभी मौके पर आग बुझाने में लगा हूं। जंगल के अंदर भी आग लगी थी। कई लोग रास्ते से गुजरते समय बीड़ी पीकर फेंक देते हैं, जिससे आग लग जाती है। हम लगातार आग बुझाने का प्रयास कर रहे हैं
मनोज चौधरी बीट गार्ड

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