जैतहरी, जिला अनूपपुर।
जल संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चल रहे जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 के अंतर्गत विकासखंड जैतहरी के सेक्टर क्रमांक–03 में गुंझी बैहार स्थित प्राचीन बावड़ी की सामूहिक स्वच्छता कर उसे पुनर्जीवित करने का सराहनीय प्रयास किया गया। इस अभियान में ग्रामीणों, सामाजिक संगठनों और जन अभियान परिषद के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए श्रमदान किया।
मंगलवार 24 मार्च 2026 को मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के नेतृत्व में नवांकुर संस्था ह्यूमिनिटी केयर फैमिली वेलफेयर एंड हेल्थ सोसाइटी तथा ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति खुरसा के संयुक्त प्रयास से बावड़ी परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया। श्रमदान के दौरान बावड़ी में जमा कचरा, गाद और ऊपर जमी काई को साफ कर बाहर निकाला गया, जिससे जल स्रोत को स्वच्छ और उपयोग योग्य बनाया जा सका।
ग्रामीणों ने बताया कि यह बावड़ी लंबे समय से गंदगी और उपेक्षा का शिकार थी, जिसके कारण इसका उपयोग बंद हो गया था। अब सामूहिक सफाई के बाद यहां का पानी न केवल ग्रामीणों के उपयोग में आ सकेगा बल्कि आसपास के पशु-पक्षियों और जंगली जानवरों के लिए भी पीने का स्वच्छ पानी उपलब्ध होगा।
कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत के सरपंच ने कहा कि “जल है तो कल है” का संदेश हम सभी को समझना होगा। प्राकृतिक जल स्रोत जैसे नदी, तालाब, झील, कुएं और बावड़ियों का संरक्षण हर नागरिक की जिम्मेदारी है। यदि हम आज से ही जल संरक्षण के लिए सजग नहीं हुए तो भविष्य में गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के मार्गदर्शन में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 19 मार्च से 27 मार्च तक ‘जल शक्ति से नवभक्ति’ कार्यक्रम का प्रथम चरण संचालित किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न जल स्रोतों की साफ-सफाई, संरक्षण और जनजागरूकता से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। यह अभियान आगे भी 30 जून 2026 तक निरंतर जारी रहेगा।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत के सरपंच, नवांकुर संस्था के सचिव पुष्पेंद्र नामदेव, परामर्शदाता टीकम सिंह, राम सिंह, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति खुरसा, ठोड़ीपानी, भेलमा के सदस्य, सीएमसीएलडीपी छात्र श्याम सिंह, दुर्गावती, श्रेयांश, कमल सिंह सहित समिति के अनेक सदस्य और ग्रामीणजन प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर जल स्रोतों के संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।


















