रिपोर्टर: शशिधर अग्रवाल
अनूपपुर। जिले के अनूपपुर और जैतहरी क्षेत्र में तीन हाथियों का समूह पिछले 64 दिनों से लगातार विचरण कर रहा है। चार-पांच दिनों से यह दल दो और एक की संख्या में बंटकर वन परिक्षेत्र जैतहरी के धनगवां बीट अंतर्गत ग्राम पंचायत कुकुरगोंड़ा, पड़रिया और आसपास के ग्रामीण अंचलों में पहुंच रहा है। दिन में जंगल में ठहरने के बाद शाम होते ही हाथी बस्तियों और खेतों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
रविवार रात एक दांत वाला नर हाथी पड़रिया पंचायत के चोई गांव के जुनहाटोला और पडमनिया टोला में खेतों में घुस गया, जहां गेहूं सहित अन्य फसलें नष्ट कर दीं। वहीं दो दांत वाले हाथी रोहिलाकछार के जंगल क्षेत्र में पेड़ों को नुकसान पहुंचाते रहे। सोमवार रात कुकुरगोंड़ा पंचायत के बेल्हाटोला में चना-मटर की फसल चौपट कर दी गई। इसी दौरान एक दांत वाला हाथी गढ़ईटोला में कई ग्रामीणों के घरों में घुसकर तोड़फोड़ करते हुए खाद्यान्न नुकसान पहुंचाकर वापस जंगल की ओर लौट गया।
लगातार नुकसान से ग्रामीण भयभीत हैं। हाथियों के गांव में प्रवेश करते ही लोग मशाल, पटाखे और शोर-शराबे के सहारे रात-रात भर जागकर उन्हें खदेड़ने को मजबूर हैं। प्रभावित पंचायतों के ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन और वन विभाग से हाथियों को जिले से बाहर खदेड़ने तथा हुए नुकसान का सर्वे कर मुआवजा दिलाने की मांग की है।

