अनूपपुर में ट्रैफिक व्यवस्था सवालों के घेरे में: जाम, नो-एंट्री में दौड़ते भारी वाहन और वसूली की चर्चाओं के बीच यातायात प्रभारी विनोद दुबे पर उठे सवाल
अनूपपुर
जिले की यातायात व्यवस्था इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है शहर के मुख्य चौराहों पर लगातार लगने वाले जाम, नो-एंट्री में बेखौफ दौड़ते भारी वाहन और हाईवे पर कथित वसूली की चर्चाओं ने यातायात पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है जनचर्चा में विशेष रूप से यातायात प्रभारी विनोद दुबे के नेतृत्व वाली व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं और नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो शहर की यातायात स्थिति और भी बदतर हो सकती है
गौरतलब है कि बीते दिनों एक वीडियो पूरे देश में वायरल हुआ था जिसमें एक वाहन चालक ने अनूपपुर यातायात पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे। हालांकि जिले के कप्तान (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक) की छवि एक ईमानदार और सख्त अधिकारी के रूप में मानी जाती है, लेकिन स्थानीय स्तर पर यह चर्चा लगातार बनी हुई है कि उनकी ईमानदार कार्यशैली पर यातायात व्यवस्था की ढिलाई कहीं न कहीं बट्टा लगाती नजर आ रही है बताया जाता है कि हाईवे पर चेकिंग के नाम पर बड़े वाहनों को रोककर वसूली का खेल लंबे समय से चल रहा है, जिसकी शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं
शंकर मंदिर चौराहे पर हर शाम लगता है जाम
अनूपपुर शहर के सबसे व्यस्त और हृदय स्थल माने जाने वाले शंकर मंदिर चौराहे पर शाम के समय यातायात जाम एक स्थायी समस्या बन चुका है यह चौराहा शहर की कई मुख्य सड़कों को जोड़ता है, जिसके कारण शाम के बाद यहां वाहनों की भारी भीड़ उमड़ती है स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम 5 बजे के बाद यहां हर घंटे वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं कई बार स्थिति ऐसी हो जाती है कि पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जाम लगने के बावजूद मौके पर यातायात पुलिस के जवान अक्सर मौजूद नहीं होते ऐसे में वाहन चालक अपनी सुविधा से वाहन निकालने की कोशिश करते हैं और स्थिति और भी अव्यवस्थित हो जाती है नागरिकों का कहना है कि यदि नियमित रूप से पुलिसकर्मी तैनात किए जाएं तो इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है
नो-एंट्री में दौड़ रहे भारी वाहन
शहर में नो-एंट्री के नियम होने के बावजूद भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक नहीं लग पा रही है बस स्टैंड और स्टेशन के आसपास के क्षेत्रों सहित कई रिहायशी इलाकों में बड़े ट्रक, डंपर और अन्य मालवाहक वाहन खुलेआम प्रवेश कर रहे हैं
रेत, गिट्टी और मिट्टी से भरे ये वाहन दिन-रात शहर के अंदर घूमते नजर आते हैं नियमों के अनुसार इन वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है, लेकिन इसके बावजूद इन पर कार्रवाई नहीं होने से नागरिकों में नाराजगी बढ़ रही है लोगों का कहना है कि यातायात पुलिस की निष्क्रियता के कारण शहर की सड़क सुरक्षा खतरे में पड़ रही है और दुर्घटनाओं की आशंका भी लगातार बनी रहती है
अवैध गांजा तस्करी का नेटवर्क भी चर्चा में
इसी बीच क्षेत्र में अवैध गांजा तस्करी को लेकर भी गंभीर चर्चाएं सामने आ रही हैं हाल ही में जबलपुर एसटीएफ की टीम ने जैतहरी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 6 कुंटल गांजा जब्त किया था इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठने लगे हैं कि जब इतने बड़े स्तर पर अवैध मादक पदार्थों की तस्करी हो रही थी तो स्थानीय व्यवस्था को इसकी भनक क्यों नहीं लगी
सूत्रों के अनुसार जैतहरी, रामपुर, खाड़ा, फुनगा और बदरा क्षेत्र में गांजा तस्करी का एक मजबूत नेटवर्क सक्रिय बताया जाता है चर्चा है कि बड़े-बड़े वाहनों के जरिए दिन-रात गांजे की खेप एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाई जा रही है ऐसे में लोगों का कहना है कि यदि यातायात विभाग द्वारा सख्ती से चेकिंग और निगरानी की जाए तो इस तरह की तस्करी पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है
जनता की मांग – वरिष्ठ अधिकारी लें संज्ञान
शहर की बिगड़ती यातायात व्यवस्था, लगातार लगने वाले जाम और अवैध गतिविधियों की चर्चाओं के बीच आम नागरिकों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है लोगों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए
नागरिकों का मानना है कि यातायात व्यवस्था का मूल उद्देश्य आम जनता की सुरक्षा और सुगम यातायात सुनिश्चित करना है इसलिए जरूरी है कि विभाग अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करे और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए


















