अकरम गैस एजेंसी कोतमा में उपभोक्ताओं से बदसलूकी,

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अकरम गैस एजेंसी कोतमा में उपभोक्ताओं से बदसलूकी,

कोतमा। नगर स्थित अकरम गैस एजेंसी इन दिनों अपनी अव्यवस्थाओं और कर्मचारियों के अड़ियल रवैये के कारण विवादों के घेरे में है। आए दिन एजेंसी के कर्मचारियों द्वारा उपभोक्ताओं के साथ बदतमीजी और “गुंडागर्दी” की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे आम जनता में भारी रोष व्याप्त है

व्यापारी के साथ अभद्रता: “जहाँ शिकायत करना हो जाके कर दो

ताज़ा मामला कोतमा नगर के किराना व्यापारी सत्येंद्र जैन के साथ जुड़ा है। उन्होंने बताया कि जब वे गैस एजेंसी पहुँचे और मोबाइल पर आए मैसेज को दिखाकर अपना सिलेंडर माँगा, तो कर्मचारियों ने पहले उन्हें यह कहकर लौटा दिया कि केवल मैसेज से काम नहीं चलेगा, कार्ड लेकर आना होगा।
हैरानी की बात यह है कि जब श्री जैन कार्ड लेकर दोबारा एजेंसी पहुँचे, तब भी कर्मचारियों ने आनाकानी शुरू कर दी। जब उन्होंने विरोध किया, तो कर्मचारियों ने अभद्रता की सीमा पार करते हुए दो-टूक शब्दों में कहा— “जहाँ जाकर शिकायत करनी है कर दो, हम सिलेंडर नहीं दे पाएंगे

बिना डिलीवरी के ही कट रहे हैं मैसेज

एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कई अन्य उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि उन्होंने सिलेंडर बुक तक नहीं किया, फिर भी उनके मोबाइल पर ‘सक्सेसफुल डिलीवरी’ के मैसेज आ रहे हैं। यह एक बड़े घोटाले की ओर इशारा करता है, जहाँ कागजों पर सिलेंडर की खपत दिखाई जा रही है, लेकिन असलियत में उपभोक्ता खाली हाथ हैं

असहाय महिलाओं और बुजुर्गों की बढ़ी मुश्किलें
एजेंसी की इस लापरवाही का सबसे बुरा असर उन महिलाओं और बुजुर्गों पर पड़ रहा है जो घरों में अकेले रहते हैं। होम डिलीवरी की सुविधा न मिलने और एजेंसी पर पहुँचने पर बदतमीजी झेलने के कारण कई घरों में चूल्हे तक नहीं जल पा रहे हैं
मुख्य शिकायतें जो सामने आई हैं:
कर्मचारियों का व्यवहार: उपभोक्ताओं के साथ गाली-गलौज और डराने-धमकाने जैसा व्यवहार।
होम डिलीवरी का अभाव: पैसे लेने के बावजूद उपभोक्ताओं को खुद एजेंसी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
फर्जी मैसेज: सिलेंडर मिले बिना ही मोबाइल पर डिलीवरी कन्फर्मेशन आना
मानसिक प्रताड़ना: वाजिब माँग करने पर उपभोक्ताओं को अपमानित करना।
प्रशासन से हस्तक्षेप की माँग
नगरवासियों ने स्थानीय प्रशासन और खाद्य विभाग से अपील की है कि अकरम गैस एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि कर्मचारियों के इस रवैये और कालाबाजारी की संभावनाओं पर लगाम नहीं लगाई गई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे

अनूपपुर जिले की खाद्य अधिकारी अनीता सोरते को जब इस संबंध मे जानकारी लेने फोन लगाया गया, एक दो बार तो उनका फोन नहीं उठा एवं तीसरी बार अधिकारी का फोन स्विच ऑफ़ बताने लगा, जब अनूपपुर जिले में इस तरह से गैस सिलेंडर की किल्लत चल रही हो और उपभोक्ता परेशान हो तब जिला खाद्य अधिकारी का फोन ना उठाना संवेदनहीनता दर्शाता है

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