आस्था का विराट संगम: पसान में श्रीराम कथा के पंचम दिवस धनुष यज्ञ व राम-सीता विवाह का सजीव चित्रण, हजारों श्रद्धालु हुए भावविभोर

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आयोजक आशीष मिश्रा के मार्गदर्शन में भव्यता के साथ जारी 10 दिवसीय श्रीराम कथा एवं शतचंडी महायज्ञ

जमुना कोतमा/पसान

रामनवमी के पावन अवसर पर नगर पालिका परिषद पसान के वार्ड क्रमांक 8 में आयोजित 10 दिवसीय भव्य श्रीराम कथा एवं शतचंडी महायज्ञ पूरे क्षेत्र में आस्था और भक्ति का केंद्र बना हुआ है अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचक पंडित राजीव लोचन शास्त्री अपनी मधुर वाणी और संगीतमय शैली में श्रीराम कथा का रसपान करा रहे हैं कथा स्थल पर प्रतिदिन अनूपपुर जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु पहुंचकर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं

 

सोमवार 23 मार्च को आयोजित कथा के पंचम दिवस में भगवान श्रीराम और माता सीता के धनुष यज्ञ तथा राम-सीता विवाह का अत्यंत भावपूर्ण और जीवंत चित्रण किया गया कथा के दौरान जैसे ही धनुष भंग का प्रसंग आया, पूरा पंडाल “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति में सराबोर हो गए

धनुष यज्ञ से पहले राजाओं के हास्य प्रसंग ने बांधा समां

धनुष यज्ञ के प्रसंग से पहले विभिन्न द्वीपों और राज्यों से आए राजाओं के प्रयासों का रोचक और हास्यपूर्ण वर्णन भी कथा का प्रमुख आकर्षण रहा कथावाचक ने मंचन के माध्यम से दिखाया कि किस प्रकार कई राजा अपने बल और अहंकार के साथ शिव धनुष उठाने का प्रयास करते हैं, लेकिन भारी शरीर और मोटे पेट के कारण धनुष तक ठीक से पहुंच भी नहीं पाते कई राजा धनुष उठाने की कोशिश में असफल होकर गिर पड़ते और फिर थककर कुर्सी पर बैठ जाते। इस हास्यपूर्ण प्रस्तुति ने कथा स्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं को खूब आनंदित किया और पंडाल ठहाकों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने इस प्रसंग का भरपूर आनंद लिया

राम-सीता विवाह का दिव्य एवं विधिवत आयोजन

कथावाचक पंडित राजीव लोचन शास्त्री ने मिथिला में आयोजित धनुष यज्ञ का प्रसंग विस्तार से सुनाते हुए बताया कि किस प्रकार भगवान श्रीराम ने भगवान शिव के धनुष को उठाकर भंग किया और माता सीता के साथ उनका पावन विवाह संपन्न हुआ कथा के दौरान इस प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसे सुनकर उपस्थित हजारों श्रद्धालु भावविभोर हो उठे

कथा मंच पर वैदिक रीति-रिवाजों और मंत्रोच्चार के साथ राम-सीता विवाह का प्रतीकात्मक एवं विधिवत आयोजन भी किया गया पंडितों द्वारा समस्त वैदिक नियमों के अनुसार विवाह संस्कार संपन्न कराया गया इस दौरान श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा कर प्रभु श्रीराम और माता सीता के विवाह का उत्सव मनाया और पूरा वातावरण भक्ति एवं उल्लास से भर गया

हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल बनी श्रीराम कथा

इस धार्मिक आयोजन की सबसे विशेष बात यह रही कि कथा में हिंदू समाज के साथ-साथ मुस्लिम समुदाय के लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण कर रहे हैं क्षेत्र के कई मुस्लिम भाई भी प्रतिदिन कथा स्थल पर पहुंचकर श्रद्धा और सम्मान के साथ श्रीराम कथा सुन रहे हैं। यह दृश्य क्षेत्र में आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द की सुंदर मिसाल प्रस्तुत कर रहा है श्रद्धालुओं का कहना है कि धर्म का संदेश प्रेम, सद्भाव और एकता का होता है और इस आयोजन ने उसी भावना को मजबूत किया है

शतचंडी महायज्ञ से आध्यात्मिक वातावरण

श्रीराम कथा के साथ-साथ यहां शतचंडी महायज्ञ का भी आयोजन किया जा रहा है वैदिक मंत्रोच्चार और हवन-पूजन से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो रहा है श्रद्धालु यज्ञ में आहुति देकर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि तथा क्षेत्र की खुशहाली की कामना कर रहे हैं

आयोजक आशीष मिश्रा की भूमिका बनी आयोजन की शक्ति

इस भव्य धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में समाजसेवी एवं आयोजक आशीष मिश्रा की भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय मानी जा रही है उनके मार्गदर्शन और सक्रिय सहयोग से यह 10 दिवसीय धार्मिक आयोजन सुव्यवस्थित और भव्य स्वरूप में संपन्न हो रहा है

आशीष मिश्रा स्वयं आयोजन स्थल पर उपस्थित रहकर व्यवस्थाओं की देखरेख कर रहे हैं श्रद्धालुओं के बैठने, पेयजल, प्रसाद वितरण तथा अन्य व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, जिससे कथा श्रवण के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो

आशीष मिश्रा ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य समाज में धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को मजबूत करना है उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर श्रीराम कथा का श्रवण करें और इस पुण्य अवसर का लाभ प्राप्त करें

राममय हुआ पसान नगर

पसान नगर इन दिनों पूरी तरह राममय वातावरण में डूबा हुआ है कथा स्थल पर प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है और पूरा क्षेत्र “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज रहा है। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी संख्या कथा में उपस्थित होकर भक्ति का आनंद ले रही है

यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ कर रहा है, बल्कि क्षेत्र में सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना को भी नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है

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