एसईसीएल में ‘उत्कर्ष 2026’ कॉन्क्लेव का आगाज, एचआर-आईआर मुद्दों पर दो दिवसीय मंथन शुरू

बिलासपुर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की मेजबानी में कोल इंडिया का तीसरा एचआर/आईआर कॉन्क्लेव ‘उत्कर्ष 2026’ शुक्रवार को वसंत विहार स्थित वसंत क्लब में गरिमामय वातावरण में शुरू हुआ। दो दिवसीय इस सम्मेलन में कोल इंडिया और उसकी अनुषंगी कंपनियों के 100 से अधिक मानव संसाधन अधिकारी भाग ले रहे हैं, जो एचआर और औद्योगिक संबंधों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श करेंगे

उद्घाटन अवसर पर कोल इंडिया के चेयरमैन बी. साईराम ने वर्चुअल संबोधन में कहा कि कोयला देश की ऊर्जा व्यवस्था की रीढ़ है और कर्मचारी संगठन की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने ‘Reform, Perform, Transform’ विजन को साकार करने में कर्मियों की अहम भूमिका पर जोर दिया।
एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि संस्था की वास्तविक पूंजी उसके कर्मचारी होते हैं, जिनके विकास और कल्याण के लिए सतत प्रयास आवश्यक हैं। वहीं, कोल इंडिया के मुख्य सतर्कता अधिकारी ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने संगठन को एक पहचान बताते हुए कर्मचारियों में गर्व की भावना विकसित करने पर बल दिया।
कीनोट सत्र में निदेशक (मानव संसाधन) डॉ. विनय रंजन ने कार्यस्थल पर संवाद और संवेदनशीलता को मजबूत करने की आवश्यकता बताई, जिससे बेहतर परिणाम और संतुलित औद्योगिक संबंध स्थापित हो सकें।
कार्यक्रम में विभिन्न अनुषंगी कंपनियों की एचआर टीमों ने नवाचारों पर प्रस्तुतियां दीं। सम्मेलन के दौरान देश के प्रतिष्ठित एचआर विशेषज्ञ विभिन्न सत्रों में अपने अनुभव साझा करेंगे, जिससे प्रतिभागियों को नवीन दृष्टिकोण और व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त होगा।

















