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ब्यूरो रिपोर्ट शैलेंद्र जोशी
धार जिले की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा की एक नियुक्ति को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। बदनावर के जय सूर्या को भाजपा युवा मोर्चा का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए जाने के बाद पार्टी के अंदर ही विरोध के स्वर उठने लगे हैं। इस मुद्दे ने तब और तूल पकड़ लिया जब पूर्व मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव ने इस नियुक्ति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
पूर्व मंत्री दत्तीगांव ने बिना नाम लिए कटाक्ष करते हुए कहा कि जिस व्यक्ति को इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है, वह लंबे समय से निष्क्रिय रहा है और उसकी छवि विवादित रही है। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में वे पार्टी नेतृत्व को लिखित शिकायत भी सौंप चुके हैं। दत्तीगांव ने कहा कि संबंधित व्यक्ति पिछले दो वर्षों से सक्रिय राजनीति से दूर रहा है और विधानसभा चुनाव के दौरान भी पूरी तरह अनुपस्थित था।
मीडिया से चर्चा के दौरान दत्तीगांव ने यह भी कहा कि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने सुझाव दिया कि कोई भी व्यक्ति सूचना के अधिकार (RTI) के माध्यम से थानों से रिकॉर्ड निकालकर इसकी पुष्टि कर सकता है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पार्टी ऐसे विवादित और कथित आपराधिक छवि वाले लोगों को जिम्मेदारी देती है, तो इससे युवाओं का पार्टी से विश्वास कमजोर हो सकता है।
दत्तीगांव ने इसे *“शुभ संकेत नहीं”* बताते हुए पार्टी नेतृत्व से इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
दूसरी ओर, भाजपा संगठन अपनी स्वच्छ छवि और अनुशासन के लिए जाना जाता है, जहां पदाधिकारियों के चयन में योग्यता और छवि को प्राथमिकता दी जाती है। हालांकि इस नियुक्ति के बाद पार्टी के अंदरूनी हलकों में असंतोष की चर्चा सामने आ रही है।
फिलहाल यह मामला राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित है। नियुक्ति को लेकर पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अब देखना होगा कि भाजपा नेतृत्व इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है और क्या इस नियुक्ति पर पुनर्विचार किया जाता है या नियुक्ति यथावत रहेगी।















