मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा बस स्टैंड के समीप शनिवार शाम लगभग 5:30 बजे ‘अग्रवाल लॉज’ की बहुमंजिला इमारत ढहने की दुखद घटना में कई लोग मलबे में दब गए। हादसे के समय भवन के ऊपरी हिस्से में निर्माण कार्य चल रहा था, वहीं समीप ही नींव की खुदाई भी जारी थी, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त निर्देशों के पश्चात **साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL)** के सीएमडी श्री हरीश दुहन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। SECL ने बिना विलंब किए NDRF (दिल्ली) एवं SDRF टीमों से संपर्क स्थापित किया और समन्वित रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन प्रारंभ किया।
SECL की 4 विशेषज्ञ रेस्क्यू टीमें जमुना-कोतमा, हसदेव और सोहागपुर क्षेत्रों से तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना की गईं, जो लगभग 35 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गईं और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर बचाव कार्य में जुट गईं। पूरे अभियान का नेतृत्व SECL द्वारा किया गया।
इमारत के अचानक ढहने और भारी मात्रा में मलबा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन अत्यंत जोखिमपूर्ण और चुनौतीपूर्ण रहा। मलबे के लगातार खिसकने की आशंका के बीच टीमों ने पूरी रात और अगले दिन दोपहर लगभग 2 बजे तक लगातार अभियान चलाया। फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए एक्स्कवेटर मशीनों की सहायता से मलबा हटाया गया।
इस दौरान NDRF, SDRF और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाते हुए रेस्क्यू टीमों ने मलबे से कुल 4 शव बरामद किए, जिनमें 3 पुरुष और 1 महिला शामिल हैं। पूरे अभियान के दौरान निर्धारित सुरक्षा और संवेदनशीलता मानकों का पालन सुनिश्चित किया गया।
इस कार्य में श्री मनोज बिश्नोई, एजीएम (हसदेव क्षेत्र), जिन्हें माइन रेस्क्यू का लंबा अनुभव है और जो पूरी रात घटनास्थल पर मौजूद रहे, श्री प्रभाकर त्रिपाठी, एजीएम (जमुना-कोतमा क्षेत्र), श्री अजय कुमार, जीएम (ऑपरेशन्स), जमुना-कोतमा, श्री बी.के. जेना, एजीएम (सোহागपुर) एवं उनकी टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संकट की घड़ी में टीम SECL का यह प्रयास , हमारे कर्मियों के प्रोफेशनलिज्म और गहरे सामाजिक सरोकार को रेखांकित करता है.















