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जहाँ ज्ञान और पराक्रम एक साथ हुए नमन दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल में बसंत पंचमी और पराक्रम दिवस का प्रेरक संगम

By Santosh Chaurasiya

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मनेन्द्रगढ़। जब विद्यालय का प्रांगण राष्ट्रभक्ति की गूंज और ज्ञान की साधना से एक साथ आलोकित हो उठे, तब वह केवल एक आयोजन नहीं बल्कि संस्कारों का उत्सव बन जाता है। ऐसा ही दृश्य देखने को मिला शहर के मानक शिक्षण संस्थान दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल मनेंद्रगढ़ में जहाँ पराक्रमी नायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती (पराक्रम दिवस) और बसंत पंचमी का पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

इस विशेष अवसर ने विद्यार्थियों के हृदयों में देशभक्ति की ज्वाला प्रज्वलित की वहीं माँ सरस्वती की आराधना ने वातावरण को ज्ञान, कला और संस्कृति की दिव्यता से भर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और पुष्प अर्पण के साथ हुआ। इसके बाद शिक्षिकाओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना ने पूरे सभागार को भक्तिमय बना दिया।

कक्षा छठवीं की छात्रा तनीषा ने पराक्रम दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नेताजी का जीवन त्याग, साहस, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की अनुपम मिसाल है। उन्होंने कहा की तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा। केवल एक नारा नहीं बल्कि देश के लिये सर्वस्व अर्पण करने का संकल्प था। नेताजी ने युवाओं को सिखाया कि सच्ची देशसेवा कर्म और साहस से होती है केवल शब्दों से नहीं।

इसके बाद कक्षा सातवीं की छात्रा अक्षरा ने बसंत पंचमी के अवसर पर माँ सरस्वती के चरणों में संस्कृत श्लोक का सस्वर पाठ किया जिसका भावार्थ त्रिवेणी पैकरा ने हिंदी में प्रस्तुत किया वहीं कक्षा चौथी के छात्र ने अपने विचार रखते हुए कहा कि बसंत पंचमी केवल एक पर्व नहीं बल्कि ज्ञान, सृजन और नवचेतना का उत्सव है।

विद्यालय के प्राचार्य डॉ. बसंत कुमार तिवारी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह दिन विद्यालय परिवार के लिये गौरव और प्रेरणा का संगम है।

उन्होंने कहा कि बसंत पंचमी हमें स्मरण कराती है कि शिक्षा केवल जानकारी नहीं बल्कि संस्कारों की नींव है वहीं पराक्रम दिवस हमें नेताजी के साहस, त्याग और निर्भीकता से सीख लेने का संदेश देता है। दिल्ली चलो का उद्घोष आज भी युवाओं को कठिनाइयों से ना घबराकर डटकर मुकाबला करना सिखाता है।

संस्था की निदेशिका श्रीमती पूनम सिंह ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ज्ञान और पराक्रम जब एक साथ जुड़ते हैं तभी एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से माँ सरस्वती से सद्बुद्धि और ज्ञान तथा नेताजी से निडरता, आत्मविश्वास और देशप्रेम की प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों को प्रसाद वितरण किया गया। माँ सरस्वती की कृपा और नेताजी की प्रेरणा के साथ यह विशेष आयोजन विद्यार्थियों के मन में नवसंकल्प, नवउत्साह और राष्ट्रसेवा की भावना छोड़ गया।

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