
एमसीबी। विश्व क्षय दिवस के मौके पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित टीबी मुक्त भारत अभियान के राज्य स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में प्रोटोकॉल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों की सूची से नगर पंचायत खोंगापानी की अध्यक्ष श्रीमती ललिता रामा यादव का नाम शामिल नहीं किये जाने पर पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
पूर्व विधायक ने इस मामले को जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से जोड़ते हुए कहा कि यह केवल एक नाम छूटने की बात नहीं बल्कि स्थानीय लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब खोंगापानी नगर पंचायत इसी जिले का हिस्सा है तो उसकी निर्वाचित अध्यक्ष को कार्यक्रम से दूर रखना किस मानसिकता को दर्शाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आयोजित कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी होती है क्योंकि यही लोग जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उन्हें नजरअंदाज करना ना केवल अनुचित है बल्कि योजनाओं की प्रभावशीलता पर भी असर डाल सकता है।
गुलाब कमरो ने प्रशासन से इस चूक पर स्पष्टीकरण मांगते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि इस तरह की घटनाएं दोहराई जाती हैं तो यह जनप्रतिनिधियों के अधिकारों के साथ-साथ क्षेत्रीय सम्मान के साथ भी अन्याय होगा। इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।










