ब्यूरो रिपोर्ट शैलेंद्र जोशी
धार कलेक्टर परिसर में पिछले तीन दिनों से धरने पर बैठे आज़ाद स्कूल अतिथि शिक्षक संघ मध्यप्रदेश के नेतृत्व में जिलेभर के अतिथि शिक्षकों ने गुरुवार को धरने का समापन करते हुए राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। अतिथि शिक्षकों ने यह ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपते हुए कार्यानुभव और वरिष्ठता के आधार पर सेवाकाल 62 वर्ष तक किए जाने और अतिथि शिक्षकों को संविदा शिक्षक बनाए जाने की प्रमुख मांग रखी।
अतिथि शिक्षक संघ का कहना है कि वे बीते कई वर्षों से शासकीय स्कूलों में अल्प वेतन पर ईमानदारी और निष्ठा से शिक्षण कार्य कर रहे हैं, लेकिन आज तक उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कोई ठोस नीति लागू नहीं की गई है। यही कारण है कि जिलेभर के अतिथि शिक्षक अपनी अनिश्चित नौकरी और भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
धरने के दौरान शिक्षकों ने कार्यानुभव और वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति, सेवाकाल को 62 वर्ष तक सुरक्षित करने और स्थायी नीति लागू करने की मांग को लेकर शासन का ध्यान आकर्षित किया। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि सरकार द्वारा अन्य संवर्गों के लिए नीतियां बनाई जा रही हैं, लेकिन अतिथि शिक्षक लगातार उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं।
धरना समाप्ति के अवसर पर बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद रहे और एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि यदि शासन स्तर पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा।
वहीं ज्ञापन प्राप्त करने वाले नायब तहसीलदार ने अतिथि शिक्षकों को आश्वासन दिया कि उनका ज्ञापन उचित माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों और शासन तक पहुंचाया जाएगा। फिलहाल अतिथि शिक्षक शासन से शीघ्र निर्णय की उम्मीद लगाए हुए है


















