यातायात नियमों की अनदेखी से बढ़ रहा दुर्घटनाओं का खतरा
एमसीबी। जिले में क्षमता से अधिक सवारी ढोने का चलन लगातार बढ़ता जा रहा है जिससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ गई है। यातायात नियमों को दरकिनार कर वाहन चालक बेखौफ तरीके से सवारियों की जान जोखिम में डालते हुए वाहन चला रहे हैं जिसके कारण जनजीवन पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजमर्रा की जिंदगी में ऐसे वाहन आसानी से देखे जा सकते हैं जिनमें निर्धारित क्षमता से अधिक लोग बैठे होते हैं। चाहे ऑटो हो, पिकअप वाहन या फिर निजी बसें सबमें ओवरलोडिंग आम बात बन गई है। तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और लापरवाही भरा संचालन मिलकर दुर्घटनाओं को आमंत्रित कर रहे हैं। लोगों का यह भी कहना है कि कई बार शिकायत के बाद भी कार्यवाही ना होने से वाहन संचालकों के हौसले और बढ़ जाते हैं। कई वाहनों की ना तो फिटनेस चेक होती है और ना ही सुरक्षा से जुड़ी बुनियादी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित रहती हैं जिससे यात्रियों की सुरक्षा पूरी तरह भगवान भरोसे रहती है।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि क्षमता से अधिक सवारी ढोना वाहन की ब्रेकिंग क्षमता, संतुलन और स्थिरता को प्रभावित करता है जिसके कारण थोड़ी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। विशेषकर ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में यह जोखिम और अधिक बढ़ जाता है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से सख्त निगरानी और नियमित अभियान चलाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि नियमों का पालन कराने के लिए ऑन रोड चेकिंग बढ़ाई जाये। ओवरलोड वाहनों का चालान किया जाये और लगातार जागरूकता अभियान भी चलाया जाये।
प्रशासनिक स्तर पर भी इस समस्या को गंभीरता से देखने की आवश्यकता है ताकि जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सके और यात्रियों का सफर सुरक्षित बने।


















