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बेटे की किलकारी गूंजी भी नहीं 10 मिनट में थम गई सांसे, परिजन रोते रहे जवाब मांगने में डॉक्टर न हिम्मत दी न संवेदना मुस्कराकर चली गई,लापरवाही का  धार से ब्यूरो रिपोर्ट शैलेंद्र जोशी

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डिलीवरी के बाद मौत.. डॉक्टर हंसती रही

बेटे की किलकारी गूंजी भी नहीं 10 मिनट में थम गई सांसे, परिजन रोते रहे जवाब मांगने में डॉक्टर न हिम्मत दी न संवेदना मुस्कराकर चली गई,लापरवाही का

धार से ब्यूरो रिपोर्ट शैलेंद्र जोशी

 

धार जिले के सबसे बड़े जिला भोज अस्पताल में प्रसूति के तुरंत बाद नवजात की मौत परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप। जिले के उमरबन क्षेत्र के गांव भोलियापुरा की एक महिला राधाबाई पति राधेश्याम को बुधवार को उमरबन उप स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल में प्रसव के लिए रेफर किया गया था, भर्ती होने के बाद परिजनों के अनुसार जहां डॉक्टर्स ने उसे भर्ती कर लिया ।

गुरुवार दोपहर 3 बजे के लगभग महिला की नॉर्मल डिलीवरी हुई, जिसमें उसने एक पुत्र को जन्म दिया। घर में तीसरे बच्चे के रूप में यह बेटा जन्मा था, जिसे लेकर परिवार बेहद खुश था। लेकिन यह खुशी ज्यादा देर नहीं रही। डिलीवरी के मात्र 10 से 15 मिनट बाद ही नवजात शिशु की मौत हो गई। शिशु की अचानक मौत से परिजनों में आक्रोश और दुख दोनों देखने को मिला। महिला के परिजन सोहन डावर ने जिला अस्पताल की ड्यूटी डॉक्टर पूजा देवड़ा पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जब डिलीवरी सामान्य बताई गई, तो नवजात की मृत्यु कैसे हो गई….न तो कोई स्पष्ट जानकारी दी गई और न ही समय पर कोई चिकित्सकीय स्पष्टीकरण मिला।परिवार का कहना है कि राधाबाई को पहले से दो बेटियाँ हैं और यह तीसरा बच्चा था — जिस कारण परिवार के लिए यह संतान विशेष महत्व रखती थी। अब वे इस बात की जांच की मांग कर रहे हैं कि आखिर डिलीवरी के बाद इतनी जल्दी बच्चे की जान कैसे चली गई। ड्यूटी डॉक्टर से जब परिजन मौत का कारण पूछ रहे थे तो वो हंसते हुए चली गए।

परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि जिम्मेदारों की जवाबदेही तय हो सके और भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोहराई न जाए

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