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एजेंसियों की लापरवाही और MPUDC की उदासीनता से बिगड़े हालात, ग्राउंड रिपोर्ट में भारी अव्यवस्था उजागर

By Santosh Chaurasiya

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संतोष चौरसिया की ग्राउंड रिपोर्ट

 

जमुना कोतमा (अनूपपुर) नगर पालिका परिषद पसान में संचालित शहरी पेयजल योजना अब नागरिकों के लिए गंभीर परेशानी बन चुकी है योजना का कार्य सेंट्रल इंडिया इंजीनियरिंग, नागपुर को दिया गया था जिसे आगे पेटी कांट्रैक्ट के रूप में अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड, भोपाल को सौंपा गया दोनों एजेंसियों की लापरवाही और MPUDC अधिकारियों की उदासीनता तथा मिलीभगत के कारण यह योजना राहत के बजाय जनता पर बोझ बन गई है सात वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी कार्य की रफ्तार अत्यंत धीमी है

 

शहर में जगह-जगह सीसी और बीटी रोड को बिना योजना काटकर अधूरा छोड़ा गया, चेंबर अधूरे हैं, ढक्कन गायब हैं, पाइपलाइनें खुले में पड़ी हैं, नई बनी सड़कें धंस रही हैं और कई मार्ग महीनों से गड्ढों में तब्दील हैं मुख्य सप्लाई लाइन आज तक शुरू नहीं हो सकी है

 

सबसे गंभीर स्थिति केवई नदी में पानी रोकने के लिए बनाए गए डैम के पहली बारिश में ही बह जाने से सामने आई न उसकी मरम्मत हुई और न ही किसी एजेंसी या MPUDC अधिकारी ने कोई कार्रवाई की पूर्व में नागरिकों ने कई शिकायतें कीं, लेकिन उनका कोई असर नहीं पड़ा

 

नागरिकों का कहना है कि पूरा कस्बा धूल, कीचड़ और खुदाई से पटी सड़कों में बदल गया है आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है

जिला अनूपपुर प्रशासन से नागरिकों की मांग है कि जिम्मेदार एजेंसियों और अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करते हुए अधूरे एवं कमजोर गुणवत्ता वाले कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा कराया जाए

 

आज की ग्राउंड रिपोर्ट में खुला बड़ा सच: नल-जल योजना पूरी तरह विफल, आमजन बुरी तरह त्रस्त

 

दिनांक 1 दिसंबर 2025 को हमारे संवाददाता द्वारा की गई ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि नल जल योजना पूरी तरह विफल हो चुकी है

शहर के अधिकांश वार्डों में खुले गड्ढे, टूटी सड़कें, बेकार पड़ी पाइपलाइनें, धंसते रास्ते, और अव्यवस्थित खुदाई ने लोगों का जीवन नारकीय बना दिया है कई नागरिक घायल भी हुए हैं

 

कृष्ण कुमार मिश्रा, वार्ड 8

एक-एक फीट गड्ढों में गिरकर लोग अस्पताल पहुंच रहे

पसान निवासी कृष्ण कुमार मिश्रा ने बताया कि नल-जल योजना की लापरवाही से सड़क में एक-एक फीट गहरे गड्ढे बने हुए हैं कई लोग इन गड्ढों में गिरकर गंभीर रूप से घायल हुए और अस्पताल तक पहुंच चुके हैं

 

शांति बाई, वार्ड 16 — 6 महीने से खुले गड्ढे, न पानी मिलता है, न सुनवाई

आदिवासी महिला शांति बाई ने कहा कि छह महीने से गड्ढा खोदकर पाइप डालकर छोड़ दिया गया है

उन्होंने बताया न पानी मिलता है, न कोई अधिकारी सुनता है कई बार हम और छोटे बच्चे इन गड्ढों में गिरकर घायल हो जाते हैं

 

फूल मती, वार्ड 16 — दीपावली से पहले खोदा गड्ढा आज तक नहीं भरा, कई हाथ-पैर टूटे

फूल मती ने बताया कि दीपावली से पहले खोदे गए गड्ढे के कारण कई लोग गिरकर चोटिल हुए हैं। उन्होंने कहा—इसे देखने-सुनने वाला कोई नहीं है

 

शिवकुमार, वार्ड 14 — जेसीबी से सड़क उखाड़ी, पुरानी पाइपलाइन तोड़ी—चलना भी मुश्किल

शिवकुमार ने बताया कि नगर पालिका द्वारा बनाई गई सड़क को नल-जल योजना वालों ने जेसीबी से उखाड़ दिया

कालरी द्वारा बिछाई गई पाइपलाइन को भी पूरी तरह तोड़ दिया गया है न पानी मिल रहा है, न सड़क सही है कहते हैं बना देंगे, पर अब तक नहीं बनाया

 

दिलीप, वार्ड 14 — “पूरा रोड बीच से खोद दिया, नई पाइपलाइन भी नहीं चली—जीवन नर्क हो गया

दिलीप ने कहा कि पूरा रोड बीच से खोद दिया गया है नई पाइपलाइन डाली जरूर गई है लेकिन चालू नहीं है

 

“पुरानी पाइपलाइन तोड़ दी, नई चली नहीं—पानी की भीषण समस्या है वार्डवासियों का जीवन नर्क बन गया है

 

पसान की पेयजल योजना की अव्यवस्था अब जनजीवन के लिए खतरा

 

ग्राउंड रिपोर्ट और नागरिकों के बयान यह साफ दर्शाते हैं कि योजना पूरी तरह असफल है और तत्काल प्रशासनिक हस्तक्षेप अत्यंत आवश्यक है

 

इनका कहना है (प्रशासन/एजेंसी का पक्ष)

विजय सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर, MPUDC शहडोल ने बताया—

“काम बंद नहीं है कुछ जगह कार्य जारी है और कुछ स्थानों पर नपा अध्यक्ष राम अवध सिंह के द्वारा कार्य रुकवाया गया है टूटे हुए डैम को पुनः बनाया जाएगा, लेकिन वर्तमान में वहां पानी होने के कारण कार्य संभव नहीं है

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