वन अधिकारियों की मिलीभगत से बीट धुरवासिन आर एफ 442 कोटमी में जारी है अवैध कब्जे का सिलसिला
रिपोर्ट हरी प्रसाद यादव
अनूपपुर / कोतमा वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लतार सर्किल की बीट धुरवासिन आरएफ 442 कोटमी का जंगल में सालों साल से मुनारा क्रमांक 04 से लेकर 08 तक और अन्य जगहों पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण की सुर्खियों में बना हुआ है
स्थानीय लोगों और वन प्रेमियों का आरोप है कि वन विभाग के अधिकारी इस अवैध कार्य में संलिप्त हैं और शिकायतों पर ठोस कार्रवाई के बजाय टालमटोल की नीति अपना रहे हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस मामले में बीट गार्ड से लेकर सर्किल प्रभारी और वन परिक्षेत्र अधिकारी तक कई बार लिखित एवं मौखिक शिकायतें दी गईं। लेकिन हर बार अधिकारियों द्वारा मामले को टालमटोल करके समय बिता दिया गया।
कार्यवाही का आश्वासन महज कागजों और वादों तक सीमित रह गया इन शिकायतों पर नाकाम कार्रवाई ने अतिक्रमण करने वालों के हौसलों को और बुलंद कर दिया है। आरोप है कि वन अधिकारियों की मिलीभगत के चलते ही वन भूमि पर दिन-प्रतिदिन नए अतिक्रमण हो रहे हैं और जंगल का दायरा सिकुड़ता जा रहा है।
एक ग्रामीण ने कहा शासन ने इन अधिकारियों को जंगल की रक्षा के लिए तैनात किया था, लेकिन लगता है ये रक्षक अब भक्षक बन गए हैं। जो इन्हें जंगल बचाने चाहिए, वही इसे नष्ट करने में लगे हैं इस पूरे मामले ने एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर वन भूमि और वृक्षों मुनारो की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसे दी जाए जब जिम्मेदार अधिकारी ही अतिक्रमण हटाने और अपने कर्तव्यों का पालन करने में विफल नजर आ रहे हैं


















