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विश्वविद्यालय की सुरक्षात्मक एवं आंतरिक प्रशासनिक व्यवस्था को करें सुदृढ़-कलेक्टर  विद्यार्थियों की सुविधाओं एवं समस्याओं का विश्वविद्यालय प्रबंधन रखें ध्यान-कलेक्टर

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विश्वविद्यालय की सुरक्षात्मक एवं आंतरिक प्रशासनिक व्यवस्था को करें सुदृढ़-कलेक्टर 

विद्यार्थियों की सुविधाओं एवं समस्याओं का विश्वविद्यालय प्रबंधन रखें ध्यान-कलेक्टर

विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी आवश्यक- पुलिस अधीक्षक 

आईजीएनटीयू के सुरक्षा व्यवस्था एवं विद्यार्थियों के सुविधाओं एवं समस्याओं के संबंध में बैठक हुई आयोजित

 

अनूपपुर 12 नवंबर 2025/कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने कहा कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक एक बहुप्रतिष्ठित एवं राष्ट्रीय महत्व का शिक्षण संस्थान है, जहां विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ-साथ संस्कार का भी संवर्धन किया जाता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की गरिमा, अनुशासन एवं शैक्षणिक वातावरण को बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

कलेक्टर ने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देशित किया कि सुरक्षा व्यवस्था एवं आंतरिक प्रशासनिक तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में समस्त कार्य केंद्रीय विश्वविद्यालय के निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित किए जाएं, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सके।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की सुविधाओं एवं समस्याओं के निराकरण हेतु प्रभावी तंत्र स्थापित किया जाए तथा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता एवं संवेदनशील बनाया जाए। कलेक्टर श्री पंचोली विश्वविद्यालय परिसर के सभागार में आयोजित बैठक में विश्वविद्यालय प्रबंधन को निर्देशित कर रहे थे।

 

बैठक के दौरान कलेक्टर श्री पंचोली ने विश्वविद्यालय प्रबंधन से सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था एवं मुख्य प्रवेश द्वार की स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस पर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा बताया गया कि वर्तमान में विश्वविद्यालय परिसर में लगभग 117 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं, जो सुरक्षा व्यवस्था के सुचारू संचालन में संलग्न हैं।

इन सुरक्षाकर्मियों की 8-8 घंटे की तीन शिफ्टों में ड्यूटी निर्धारित की गई है, जिनमें प्रत्येक शिफ्ट में लगभग 32 से 33 सुरक्षाकर्मी विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा एवं निगरानी का कार्य करते हैं। बैठक में यह भी अवगत कराया कि विश्वविद्यालय में एक प्रमुख प्रवेश द्वार से आवागमन होता है। इस पर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि मुख्य प्रवेश द्वार को और अधिक व्यवस्थित एवं नियंत्रित स्वरूप में विकसित किया जाए, जिससे परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हो सके तथा प्रवेश प्रक्रिया सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हो।

 

बैठक के दौरान कलेक्टर श्री पंचोली ने विश्वविद्यालय प्रबंधन से विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय परिसर में उपलब्ध सुविधाओं एवं उनसे संबंधित समस्याओं के विषय में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप समस्त आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि उन्हें एक उत्तम एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण प्राप्त हो सके।

कलेक्टर ने यह भी कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा, आवास, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत आवश्यकताओं के संबंध में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देशित किया कि सुरक्षा एवं सुविधा से जुड़े सभी मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए तथा विद्यार्थियों की समस्याओं के निराकरण हेतु प्रभावी प्रणाली विकसित की जाए।

 

बैठक में पुलिस अधीक्षक ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की निरंतर निगरानी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय में स्थापित सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग के लिए एक समुचित कंट्रोल रूम बनाया जाए, जिसमें एक अधिकृत अधिकारी या कर्मी की ड्यूटी नियमित रूप से लगाई जाए, जो परिसर में हो रही सभी गतिविधियों पर सतत निगरानी रख सके। पुलिस अधीक्षक ने विश्वविद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया कि परिसर में एंटी रैगिंग समिति का गठन किया जाए तथा सभी विद्यार्थियों को हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध कराए जाएं।

साथ ही, जागरूकता संबंधी सूचना बोर्ड विश्वविद्यालय परिसर के प्रमुख स्थानों पर लगाए जाएं और विद्यार्थियों की शिकायतों के त्वरित निराकरण हेतु विशेष शिकायत पेटी की व्यवस्था की जाए। उन्होंने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय एवं उसके आसपास के क्षेत्र में समय-समय पर पुलिस पेट्रोलिंग की जाएगी, ताकि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ बनी रहे और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति पर तुरंत नियंत्रण किया जा सके।

 

बैठक में कलेक्टर श्री पंचोली ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पुष्पराजगढ़ को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक 15-15 दिवस के अंतराल में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक की सुरक्षात्मक व्यवस्था का निरीक्षण करें तथा निरीक्षण रिपोर्ट संबंधित विभाग को प्रस्तुत करें।

कलेक्टर ने विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक एवं सुविधाजनक विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की। इनमें खेल गतिविधियों के संचालन, रात्रिकालीन विद्युत व्यवस्था, विद्यार्थियों के परिचय पत्रों का वितरण, कचरा प्रबंधन एवं साफ-सफाई व्यवस्था, मेस संचालक से संवाद तथा विश्वविद्यालय के हेल्थ सेंटर एवं चिकित्सीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दे प्रमुख रहे।

उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देशित किया कि इन सभी बिंदुओं पर केंद्रीय विश्वविद्यालय के मानकों के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं अनुकूल शैक्षणिक वातावरण प्राप्त हो सके।

 

बैठक में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पुष्पराजगढ़ श्री वसीम अहमद भट्ट,रजिस्ट्रार प्रोफेसर एन. एच. एस. एन. मूर्ति, विश्वविद्यालय की डॉ. नूपुर श्रीवास्तव, प्रो. शैलेन्द्र भदौरिया, डॉ. तरुण ठाकुर सहित विश्वविद्यालय प्रबंधन के अन्य प्रोफेसर, सुरक्षा अधिकारी एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारीगण तथा स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।

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