ग्राम सामेडा में युवाओं की पहल से प्रथम दिन मृत्यु भोज की नई परंपरा की शुरुआत, ग्रामीणों में उत्साह
कसरावद तहसील के ग्राम सामेडा में वर्षों से चली आ रही मृत्यु भोज की परंपरा में अब बदलाव की बयार बहने लगी है। गांव के युवाओं ने मिलकर एक ऐतिहासिक पहल करते हुए प्रथम दिन मृत्यु भोज को अपनाने का निर्णय लिया है, जिससे सामाजिक और आर्थिक बोझ को कम किया जा सके।
यह मांग पहले भी कई बार वरिष्ठजनों द्वारा उठाई जाती रही थी, लेकिन इस बार इसे धरातल पर लाने का श्रेय गांव के जागरूक युवाओं को जाता है। युवाओं ने एक समिति का गठन किया, जिसमें श्री संजय पाटीदार को सर्वसम्मति से अध्यक्ष नियुक्त किया गया। समिति के सदस्यों ने इस पहल की शुरुआत स्वेच्छा से ₹200 की योगदान राशि देकर की, जो इस सामाजिक बदलाव की ओर एक मजबूत कदम है।
ग्राम के वरिष्ठ नागरिकों ने इस पहल की सराहना की है। विशेष रूप से श्री दशरथ सिंह पटेल ने युवाओं को मार्गदर्शन प्रदान किया और आश्वस्त किया कि वे भविष्य में भी ऐसे जनहित कार्यों में पूरा सहयोग देंगे।
इस मुहिम को “राम भक्त मित्र मंडल” के युवाओं द्वारा आगे बढ़ाया जा रहा है, जो ग्राम में सामाजिक चेतना के प्रचार-प्रसार में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
ग्रामवासियों का मानना है कि इस निर्णय से न केवल आर्थिक भार में कमी आएगी, बल्कि यह समाज में सकारात्मक सोच और एकता को भी प्रोत्साहित करेगा। यह पहल निश्चित ही अन्य गांवों के लिए भी एक प्रेरणादायी उदाहरण बन सकती है।

















