वीडियो वायरल होने के बाद भी सुधार नहीं, किसानों से खुली लूट जारी
जमुना–कोतमा अनूपपुर
अनूपपुर जिले के धान उपार्जन केंद्रों पर किसानों का शोषण अब खुली लूट में तब्दील हो चुका है किसानों का आरोप है कि धान खरीदी व्यवस्था पूरी तरह से ‘वसूली सिस्टम’ बन गई है, जहाँ 500 से 1000 रुपये दिए बिना धान पास नहीं किया जाता पैसे नहीं देने पर धान को रिजेक्ट करने और डराने-धमकाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं
कोतमा क्षेत्र के कई खरीदी केंद्र—कोतमा सेवा सहकारी समिति मर्या. छिल्पा, भालमुड़ी, कोठी, अमलई, बिजुरी, अनूपपुर, बेनीबारी, भेजरी, देवगवां, दुलहरा, राजेंद्रग्राम एवं जैतहरी—में चेकरों की मनमानी चरम पर है किसानों का कहना है कि शासन द्वारा पल्लेदारी, सिलाई और परिवहन का भुगतान पहले से तय होने के बावजूद उनसे अवैध वसूली की जा रही है
दुलहरा खरीदी केंद्र में हालात और भी बदतर हैं, जहाँ किसानों को स्वयं तौल और सिलाई करनी पड़ रही है 40 किलो के स्थान पर 41 किलो धान लेने से प्रति बोरा किसानों को नुकसान हो रहा है
इस पूरे मामले से जुड़े वीडियो पहले ही प्रकाशित हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद न तो प्रशासन ने छापेमारी की और न ही दोषियों पर कार्रवाई की
जिला आपूर्ति अधिकारी सुश्री अनीता सोरते से संपर्क का प्रयास किया गया, पर फोन रिसीव नहीं हुआ प्रशासन की चुप्पी से किसानों में भारी आक्रोश है और वे दोषी चेकर्स व प्रबंधकों पर एफआईआर की मांग कर रहे हैं


















