अनूपपुर-कोतमा में ‘चेकर’ का आतंक — पैसे दो तभी धान होगा ‘पास’, वरना रिजेक्ट
किसानों से 500–1000 रुपये तक वसूली, सिलाई-पल्लेदारी और बारदाना पर भी अवैध वसूली जारी
संतोष चौरसिया की रिपोर्ट
जमुना कोतमा। अनूपपुर जिले के धान उपार्जन केंद्रों पर किसानों का शोषण चरम पर पहुँच गया है। किसानों ने बताया कि धान खरीदी व्यवस्था अब ‘वसूली सिस्टम’ में बदल गई है, जहाँ अपनी ही उपज बेचने के लिए उन्हें 500–1000 रुपये की अवैध राशि देनी पड़ रही है
चेकर की मनमानी
पैसे दो तो धान पास, पैसे नहीं तो धान रिजेक्ट, और डर दिखाकर जबरन वसूली—किसानों का आरोप है कि चेकर इन्हीं तीन तरीकों से खरीदी केंद्रों को भ्रष्टाचार का अड्डा बनाए हुए हैं
जिन खरीदी केंद्रों पर धांधली कोतमा सेवा सहकारी समिति मर्या. छिल्पा (मार्कफेड कोतमा), आदिम जाति सेवा सहकारी समिति भालमुड़ी (मंडी प्रांगण एवं नरेगा कैप), आदिम जाति सेवा सहकारी समिति कोठी (नरेगा कैप कोठी), आदिम जाति सेवा सहकारी समिति अमलई (पयारी नं.1, BOT गोदाम), आदिम जाति सेवा सहकारी समिति बिजुरी (उपतहसील प्रांगण), सेंटिन जय मां लक्ष्मी स्व सहायता समूह छिल्पा
अनूपपुर सेवा सहकारी समिति मर्या. अनूपपुर (विपणन कैप), सेवा सहकारी समिति मर्या. बेनीबारी (समिति परिसर), सेवा सहकारी समिति मर्या. भेजरी (समिति परिसर), आदिम जाति सेवा सहकारी समिति देवगवां (अन्नपूर्णा वेयरहाउस), आदिम जाति सेवा सहकारी समिति दुलहरा (पॉलीटेक्निक कॉलेज मैदान), सेवा सहकारी समिति मर्या. राजेंद्रग्राम (समिति परिसर), सेवा सहकारी समिति मर्या. जैतहरी (आरटीओ गोदाम खूंटाटोला)
प्रशासन मौन—किसानों की पीड़ा बढ़ी
शासन द्वारा पल्लेदारी, सिलाई और परिवहन के लिए बजट जारी होने के बावजूद किसानों से वसूली लगातार जारी है। किसान जिला प्रशासन से तत्काल छापेमारी कर दोषी चेकर्स और प्रबंधकों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे हैं
जिला आपूर्ति अधिकारी से संपर्कफोन नहीं उठाया
जब इस संबंध में जिला आपूर्ति अधिकारी
मो. 79877-72070 सुश्री अनीता सोरते
से बात करने की कोशिश की गई, तो घंटी बजती रही लेकिन कॉल रिसीव नहीं किया गया, जिससे उनका पक्ष नहीं मिल सका


















