चिरमिरी एसईसीएल खदान क्षेत्र की पुलिस अधीक्षक ने की विस्तृत समीक्षा
सुरक्षा व्यवस्था के लिये दिये आवश्यक दिशानिर्देश
एमसीबी। जिले में खनन क्षेत्रों में घटित हो रही दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए 09 दिसम्बर 2025 को पुलिस अधीक्षक मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर श्रीमती रत्ना सिंह (आईपीएस) द्वारा एसईसीएल चिरमिरी ओपन कास्ट माइंस का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य खदान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की वस्तुस्थिति का आकलन करना और भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिये ठोस कदम उठाना था।
निरीक्षण के दौरान थाना प्रभारी चिरमिरी उप निरीक्षक विजय सिंह, एसईसीएल के उप क्षेत्रीय प्रबंधक मनीष कुमार सिंह, खान प्रबंधक जोष कुमार, खान सुरक्षा अधिकारी विपिन कुमार पाण्डेय, आउटसोर्सिंग इंचार्ज राजेन्द्र, कृष्णा इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर अनिल कुमार श्रीवास्तव तथा प्रभारी शिवानंद पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
पुलिस अधीक्षक ने चिरमिरी ओपन कास्ट माइंस के दोनों आउटसोर्सिंग पैच और डिपार्टमेंटल पैच का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खदान में चल रहे उत्खनन कार्यों के दौरान अपनाई जा रही सुरक्षा व्यवस्था, मशीनों की स्थिति, कर्मचारियों की सुरक्षा, चेतावनी संकेतक, कार्यस्थल पर सावधानियों और आपातकालीन प्रबंधन संबंधी व्यवस्था की विस्तार से जानकारी ली।
पुलिस अधीक्षक ने एसईसीएल प्रबंधन से खनन के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि खदान क्षेत्र में श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिये और किसी भी स्तर पर लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। ओपन कास्ट माइनिंग की कार्यप्रणाली को समझते हुए उन्होंने खदान क्षेत्र का भ्रमण भी किया और संभावित जोखिम वाले स्थानों की पहचान की।
भ्रमण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने विगत कुछ महीनों से चिरमिरी एसईसीएल खदान क्षेत्र में घटित दुर्घटनाओं के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था की समग्र समीक्षा की तथा एसईसीएल प्रबंधन और पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रबंधन के आपसी सहयोग से ही खदान क्षेत्र में कानून व्यवस्था के साथ-साथ सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।
निरीक्षण के अंत में पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा संबंधी आवश्यक दिशानिर्देश देते हुए नियमित निरीक्षण, कर्मचारियों को सुरक्षा प्रशिक्षण तथा नियमों के प्रति सजगता बनाए रखने का आह्वान किया।


















