इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक के मास्टर ऑफ सोशल वर्क (प्रथम सेमेस्टर) के विद्यार्थियों द्वारा विश्वविद्यालय के निकट के ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी (क्षय रोग) के रोकथाम हेतु जागरूकता अभियान सफलतापूर्वक संचालित किया गया। यह कार्यक्रम विश्व टीबी दिवस (24 मार्च) के अवसर पर आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण समुदायों में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा इसके लक्षण, उपचार एवं रोकथाम के बारे में जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम का समन्वयन विभाग की शोधार्थी सुश्री जे. जिनिमोल द्वारा किया गया। इस अभियान को विभाग के संकाय सदस्यों एवं अन्य शोधार्थियों का पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ।
अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों ने निकटवर्ती गांवों में घर-घर जाकर जागरूकता अभियान (डोर-टू-डोर विजिट) चलाया। उन्होंने ग्रामीणों को टीबी के लक्षणों, समय पर जांच एवं उपचार की आवश्यकता, तथा सरकार द्वारा उपलब्ध निःशुल्क उपचार सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों ने पंचायती राज संस्थाओं (PRI) के सदस्यों के साथ भी संवाद स्थापित किया तथा सामुदायिक स्तर पर टीबी उन्मूलन के लिए सहयोग और भागीदारी का आग्रह किया।
यह अभियान माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के टीबी उन्मूलन के आह्वान के अनुरूप संचालित किया गया, जिसमें वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न पोस्टर एवं जागरूकता सामग्री के माध्यम से संदेश प्रसारित किया और लोगों को टीबी के प्रति भ्रांतियों से बाहर आने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने “Yes, We Can End TB” (हाँ, हम टीबी को समाप्त कर सकते हैं) का संदेश व्यापक रूप से प्रसारित किया, जिससे समुदाय में सकारात्मक दृष्टिकोण और सहभागिता की भावना विकसित हो। समाज कार्य विभाग के संकाय सदस्यों ने अनुसार इस प्रकार के फील्ड-आधारित कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान को सुदृढ़ करने के साथ-साथ समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता को भी बढ़ाते हैं।










