कोतमा विधानसभा में रैली और सभा के माध्यम से बनाया गया शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह बलिदान दिवस
गोंडवाना समाज को जागृत करने की आवश्यकता – जीवन सिंह जपा अध्यक्ष कोतमा
अनूपपुर। जिले के कोतमा विधानसभा अंतर्गत गोंडवाना साम्राज्य के महाराजा शिरोमणि शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह मरवी के बलिदान के 168 वा शहादत दिवस मनाया गया जिसमें विशाल एवं भव्य रैली निकल गया यह रैली ग्राम पंचायत पतरोड़ी से होते हुए बसखली, मौहरी, होते हुए मनवारी स्थित रानी दुर्गावती प्रतिमा में माल्यार्पण किया गया फिर कोतमा के गोहांड्रा चौराहे में स्थित बिरसा मुंडा प्रतिमा में माल्यार्पण कर रैली का समापन किया गया कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में कोतमा जनपद सदस्य जीवन सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में जहाँ एक ओर 1857 की क्रांति को पहली संगठित लड़ाई माना जाता है, वहीं कई ऐसे जननायक भी रहे जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ अपनी आवाज उठाई, लेकिन इतिहास में उन्हें उतनी जगह नहीं मिल सकी मध्यप्रदेश की धरती पर जन्मे गोंडवाना साम्राज्य के शासक राजा शंकरशाह और राजा रघुनाथ शाह इन्हीं अनसुने नायकों में गिने जाते हैं राजा शंकरशाह गढ़ मंडला (तत्कालीन जबलपुर रियासत) के गोंड राजा थे वे अपनी प्रजा के बीच न्यायप्रिय और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षक के रूप में प्रसिद्ध थे। 1857 में जब पूरे देश में आज़ादी की लहर उठी, तब शंकरशाह और उनके पुत्र रघुनाथ शाह ने भी अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों के विरुद्ध बगावत का बिगुल फूंका। दोनों ने गुप्त रूप से क्रांतिकारियों को सहयोग दिया और जनमानस में स्वतंत्रता की चेतना जगाई। उन्होंने अपनी कविताओं और गीतों के माध्यम से लोगों को अंग्रेज़ों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। उनके बलिदानों से हमें सीख मिलती है। रैली के माध्यम से हमें अपने समाज को जागने के लिए एक छोटी पहला किया गया है क्योंकि हम सभी गोंडवाना समाज के लोगों को एकत्रित होने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से कोतमा जनपद अध्यक्ष जीवन सिंह, गोहांड्रा सरपंच सूरज सिंह, जनपद सदस्य देवनाथ सिंह, कोतमा पूर्व पार्षद देवशरण सिंह ,सरपंच बीरन सिंह सरपंच देववती सिंह, सरपंच नोहर सिंह, सरपंच संतोष सिंह वरिष्ठ गोंडवाना समाज के ज्ञान सिंह श्याम सहित रैली में सैकड़ो गोंडवाना समाज के लोग उपस्थित रहे।


















