एमसीबी/मनेन्द्रगढ़। जिले के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल मनेन्द्रगढ़ में लोहड़ी, मकर संक्रांति और पोंगल के पावन पर्व पर हर्षोल्लासपूर्ण सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन किया गया। सूर्य देव की उत्तरायण गति के स्वागत में विद्यालय परिसर रंग-बिरंगे फूलों, तिल-गुड़ की मिठास और पारंपरिक लोकनृत्यों से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य डॉ. बसंत कुमार तिवारी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। कक्षा नौवीं की छात्राओं ने पंजाबी लोकनृत्य भांगड़ा और गिद्दा की मनमोहक प्रस्तुति देकर वातावरण को उत्साहपूर्ण बना दिया। कक्षा नर्सरी की शिक्षिका सुश्री अवनीत कौर ने लोहड़ी पर्व की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह उत्तर भारत का प्रमुख लोकपर्व है जिसे पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और दिल्ली में बड़े हर्षोल्लास से मनाया जाता है। यह पर्व शीत ऋतु के अंत और नई फसल के स्वागत का प्रतीक है।
इसके बाद विद्यालय के वरिष्ठ कला शिक्षक पृथ्वीराज ने पोंगल और मकर संक्रांति पर्व के महत्व पर जानकारी देते हुए कहा कि ये पर्व प्रकृति, परिश्रम और कृतज्ञता का उत्सव हैं जो हमें अन्न, सूर्य और धरती के प्रति आभार व्यक्त करना सिखाते हैं।
कार्यक्रम के अंतर्गत लोहड़ी की परंपरा अनुसार विशाल अलाव जलाया गया जहां पीले वस्त्रों में सजे छात्रों ने नृत्य किया तथा तिल, गुड़ और चना का प्रसाद ग्रहण किया। मकर संक्रांति के अवसर पर पतंग उड़ाने की प्रतियोगिता भी आयोजित की गई जिसमें विभिन्न आयु वर्ग के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्राचार्य डॉ. बसंत कुमार तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि ये पर्व छात्रों को हमारी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का माध्यम हैं। मकर संक्रांति अंधकार से प्रकाश, जड़ता से गति और नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर अग्रसर होने का संदेश देती है वहीं पोंगल समृद्धि, खुशहाली और कृतज्ञता का प्रतीक है तथा लोहड़ी उत्तर भारत की लोकसंस्कृति की मधुर अभिव्यक्ति है। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन द्वारा सभी को तिल-गुड़ का प्रसाद वितरित कर संक्रांति की शुभकामनाएं दी गईं। यह आयोजन ना केवल सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बना बल्कि विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सौहार्द का संदेश भी प्रदान करता नजर आया।








