एमसीबी। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ग्रामों को स्वच्छ, स्वस्थ और समृद्ध बनाने के लिये जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ़ में सरपंचों के लिये विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यक्रम कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के दिशा निर्देश और जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।
कार्यशाला में शौचालय निर्माण, क्षतिग्रस्त शौचालयों की मरम्मत, रेट्रोफिटिंग और उत्कृष्ट व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालयों के नॉमिनेशन की प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक परिवारों को लाभान्वित करने पर बल दिया। दूषित जल प्रबंधन पर चर्चा करते हुए ग्रामों में जलजमाव की स्थिति सुधारने, नालियों के मुहानों पर आवश्यक सुधार कार्य तथा सामुदायिक सोक पिट निर्माण के लिये श्रमदान को बढ़ावा देने की सलाह दी गई। बताया गया कि गंदे पानी का उचित निस्तारण ग्राम स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।
स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिये नियमित डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को अनिवार्य बताया गया। स्वच्छाग्रहियों के माध्यम से सप्ताह में कम से कम दो बार कचरा संग्रहण एवं कचरा पृथक्करण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया ताकि ग्राम में स्वच्छता के उच्च मानक बनाये रखे जा सकें। सिंगल यूज़ प्लास्टिक को प्रतिबंधित करने के लिये ग्राम पंचायतों में बर्तन बैंक की स्थापना, नियम उल्लंघन पर जुर्माना कार्यवाही और जन जागरूकता को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया। सरपंचों से कहा गया कि वे प्लास्टिक मुक्त ग्राम की दिशा में समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।


















