रिपोर्टर अबरार पठान
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शांति बाहर की नहीं अंदर की खोज है
कसरावद। आज आदमी शांति को जगह-जगह ढूंढ रहा है परंतु यह बाहर का नहीं अंदर का विषय है। शांति बाहर की नहीं भीतर की खोज है। शांति के लिए अंतर्मन की गहराइयों में डुबकी लगाने की आवश्यकता है। यह विचार शनिवार को नगर में अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा जन्म शताब्दी वर्ष अंतर्गत आयोजित राष्ट्र जागरण दीपमहायज्ञ में गायत्री धाम सेंधवा से आए विद्वान पं. मेवालाल पाटीदार ने रखे।
गायत्री के सिद्ध साधक एवं गौ सेवक पं. मेवालाल पाटीदार ने उपस्थित जन समूह को संबोधित करते हुए कहा कि आज दुनिया में व्यक्ति तो हैं लेकिन व्यक्तित्व की कमी है। उन्होंने कहा कि आज यदि व्यक्ति दो प्रश्नों के उत्तर ढूंढ ले कि मैं कौन हूं? और क्यों हूं? तो उसके जीवन की सारी समस्याओं का समाधान स्वत: होता चला जाएगा। उन्होंने आमजन को अपने लिए कठोरता और दूसरों के लिए उदारता का संदेश लेकर जीवन जीने की प्रेरणा दी।
कसरावद नगर के हृदय स्थल नगर पंचायत प्रांगण में आयोजित इस विराट दीपमहायज्ञ में स्थानीय नागरिकों सहित आसपास के सैकड़ों गायत्री परिजनों ने भागीदारी की। दीप यज्ञ के मंच से युग गाताओं द्वारा जब ‘राष्ट्र के जागरण का समय आ गया..।’ गीत गाया गया तो पूरा माहौल राष्ट्रीय भावना से सराबोर हो गया। उपस्थित लोगों ने दोनों हाथ उठाकर राष्ट्र की उन्नति में अपना योगदान देने का संकल्प व्यक्त किया।
दीपयज्ञ के कार्यक्रम में गायत्री परिवार के जिला संयोजक जोगीलाल मुजाल्दे भी उपस्थित थे। उन्होंने कार्यक्रम के शुभारंभ में पं. श्रीराम शर्मा आचार्य रचित सत्संकल्प के सूत्रों का पाठ सभी को कराया। उन्होंने कहा कि यह नवयुग का संविधान है और आने वाले समय में इन्हीं अनुशासनों पर दुनिया चलने वाली है।
दीपयज्ञ के कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती विमल यादव, अध्यक्ष प्रतिनिधि राजेन्द्र सिंह यादव, पार्षद शिरीष जायसवाल और नेता परसराम यादव भी उपस्थित रहे। श्रीमती विमल यादव ने अपने संदेश में गायत्री परिवार द्वारा चलाए जा रहे रचनात्मक अभियानों की सराहना की।
दीपयज्ञ के कार्यक्रम का संचालन तहसील संयोजक मनोज यादव ने किया। संगीत किरण दसौंधी, रामजी पाटीदार, रघुवीर पटेल, शिव राठौड़, योगेश पटेल आदि की टीम ने दिया।


















