रामनगर पुलिस की सराहनीय पहल – सड़क हादसों से बचाने मवेशियों को पहनाई रेडियम बेल्ट, वर्षों से लंबित मांग हुई पूरी
अयोध्या बी एल सिंह

अनूपपुर= रामनगर क्षेत्र में सड़क हादसों का एक बड़ा कारण बन चुके आवारा मवेशियों को लेकर जहां लंबे समय से आमजन चिंता जता रहे थे, वहीं प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा था। लेकिन अब रामनगर थाना प्रभारी सुमित कौशिक ने इस गंभीर समस्या को संज्ञान में लेते हुए एक जनहितैषी और अभिनव पहल की शुरुआत की है। एनएच-43 स्थित झिरिया टोला तिराहा एवं डोला तिराहा जैसे व्यस्त क्षेत्रों में रात के समय मवेशियों से टकराकर होने वाली दुर्घटनाएं आम हो गई थीं। नगरवासियों ने कई बार नगर परिषद व सीएमओ को इस विषय में शिकायत की, लेकिन उचित कार्यवाही नहीं हो सकी। ऐसे में थाना प्रभारी स्वयं सड़क पर उतरे और मवेशियों की जान की सुरक्षा के साथ-साथ लोगों की जान-माल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेडियम बेल्ट पहनाने का कार्य शुरू कराया।
वाहन चालकों के लिये संकेत रहेंगे रेडीएम बेल्ट दुर्घटनों पर लगेंगी रोक
इस पहल के तहत अब मवेशी रात के अंधेरे में भी दूर से दिखाई देंगे, जिससे वाहन चालकों को सावधानी बरतने का समय मिल सकेगा और टकराव की संभावनाएं न के बराबर रह जाएंगी। थाना प्रभारी सुमित कौशिक ने कहा, “यह सिर्फ एक सुरक्षा उपाय नहीं, बल्कि समाज के प्रति हमारी ज़िम्मेदारी है। जब बाकी विभाग उदासीन रहे, तो पुलिस ने आगे बढ़कर यह कार्य किया, क्योंकि हर जान कीमती है – चाहे वो इंसान की हो या बेजुबान जानवर की।”
इस पहल की स्थानीय लोगों द्वारा खूब प्रशंसा की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह कदम वर्षों से चली आ रही मांग को पूरा करने जैसा है। साथ ही उन्होंने यह भी अपील की कि इस प्रकार की मुहिम अन्य थाना क्षेत्रों में भी चलाई जाए ताकि सड़क सुरक्षा को और बेहतर बनाया जा सके। यह पहल साबित करती है कि जब प्रशासनिक तंत्र असफल हो जाए, तब पुलिस भी मानवीय संवेदनाओं के साथ जनसेवा के लिए आगे आ सकती है


















