जमुना-कोतमा। राम वन गमन पथ अंतर्गत गढ़िया-गधियां (सीतामढ़ी क्षेत्र) को शामिल किए जाने के निर्णय पर सनातन एकता यात्रा के संयोजक जेपी साहू ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने इसे क्षेत्र की धार्मिक आस्था, प्राचीन मान्यताओं और सांस्कृतिक विरासत के सम्मान से जुड़ा ऐतिहासिक निर्णय बताया।
जेपी साहू ने कहा कि गढ़िया-गधियां क्षेत्र को लेकर स्थानीय जनश्रुतियों में यह मान्यता रही है कि वनवास काल के दौरान भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण का इस क्षेत्र से संबंध रहा। वर्षों से श्रद्धालु इस स्थल को आस्था केंद्र के रूप में पूजते आ रहे हैं। यहां स्थित प्राचीन गुफाएं, प्राकृतिक शिलाएं और पारंपरिक धार्मिक आयोजन इस बात के साक्षी माने जाते हैं कि यह स्थल धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।
उन्होंने बताया कि लंबे समय से सामाजिक संगठनों, धर्मप्रेमियों और क्षेत्रवासियों द्वारा इस स्थल को राम पथ गमन योजना में शामिल करने की मांग की जा रही थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शहडोल आगमन के दौरान यह विषय प्रमुखता से रखा गया, जिस पर सकारात्मक निर्णय लिया गया। साहू ने कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक घोषणा नहीं, बल्कि क्षेत्र की आस्था और सांस्कृतिक अस्मिता का सम्मान है।
जेपी साहू के अनुसार, राम पथ गमन में शामिल होने से गढ़िया-गधियां क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। सड़क, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, श्रद्धालुओं के ठहरने की सुविधा और अन्य आधारभूत संरचनाओं का विकास होगा। इससे स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय सनातन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल क्षेत्र की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी, बल्कि आने वाले समय में यह स्थल प्रमुख आस्था केंद्र के रूप में स्थापित होगा।
अंत में जेपी साहू ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय क्षेत्र के समग्र विकास और धार्मिक चेतना को सशक्त करने वाला साबित होगा। क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं में इस घोषणा को लेकर उत्साह और संतोष का वातावरण है।
