पसान की पेयजल योजना बनी जनता की मुसीबत—सेंट्रल इंडिया इंजीनियरिंग, अर्बन डेवलपमेंट कंपनी और MPUDC अधिकारियों की लापरवाही से बिगड़े हालात
जमुना कोतमा (अनूपपुर) नगर पालिका परिषद पसान में संचालित शहरी पेयजल योजना अब नागरिकों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गई है योजना का कार्य सेंट्रल इंडिया इंजीनियरिंग, नागपुर को दिया गया था, जिसे आगे पेटी कांट्रैक्ट में अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड, भोपाल को सौंपा गया दोनों एजेंसियों की लापरवाही और MPUDC (मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी) अधिकारियों की उदासीनता तथा मिलीभगत के कारण यह योजना जनता के लिए राहत के बजाय बोझ का कारण बन गई है चार वर्ष से अधिक समय बीतने के बावजूद कार्य की प्रगति अत्यंत धीमी है
शहर में जगह-जगह सीसी और बीटी रोड को बिना योजना काटकर अधूरा छोड़ दिया गया है, चेंबर अधूरे हैं, ढक्कन गायब हैं, पाइपलाइनें खुली पड़ी हैं, नई बनी सड़कें धंस रही हैं, कई मार्ग महीनों से गड्ढों में तब्दील हैं, आवागमन बाधित है, और पेयजल की मुख्य सप्लाई लाइन आज तक शुरू नहीं हो सकी है इससे भी अधिक गंभीर बात यह है कि केवई नदी में पानी रोकने के लिए बनाया गया डैम पहली ही बारिश में बह गया, लेकिन न उसकी मरम्मत हुई और न ही संबंधित एजेंसी या MPUDC अधिकारियों ने कोई कार्रवाई की पूर्व में नागरिकों ने इस अव्यवस्था और जोखिमपूर्ण कार्यशैली के खिलाफ कई शिकायतें भी दर्ज कराई थीं, परंतु उन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा यह संपूर्ण स्थिति निर्माण गुणवत्ता और निगरानी की भारी कमी को उजागर करती है
नागरिकों का कहना है कि पेयजल योजना के कारण पूरा कस्बा धूल, कीचड़ और खुदाई से पटी सड़कों में बदल गया है स्थिति ऐसी है कि आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं
जिला प्रशासन से नागरिकों की एक ही अपेक्षा है कि जिम्मेदार एजेंसियों और MPUDC अधिकारियों पर कठोर कार्यवाही कर अधूरे एवं गुणवत्ता-विहीन कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा कराया जाए
इनका कहना है
काम बंद नहीं है कुछ जगहों पर काम चल रहा है और कुछ जगहों पर नपा अध्यक्ष महोदय काम करने नहीं दे रहे हैं रही बात टूटे हुए डैम की तो उसे पुनः बनाया जाएगा लेकिन अभी वहां पानी है
विजय सिंह प्रोजेक्ट मैनेजर
एम पी यू डी सी शहडोल


















