पारंपरिक वेशभूषा में केंद्रीय मंत्री ने भगोरिया पर्व में की सहभागिता विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना भगोरिया
ब्यूरो रिपोर्ट शैलेंद्र जोशी
पर्यटन नगरी मांडू में इस वर्ष भगोरिया पर्व पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। ऐतिहासिक धरोहरों के बीच सजे इस पारंपरिक उत्सव में हजारों की संख्या में ग्रामीणों और सैलानियों ने भाग लिया। जामा मस्जिद और अशर्फी महल के बीच आयोजित भगोरिया हाट में आदिवासी संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम स्थल जामा मस्जिद मांडू और अशर्फी महल मांडू के बीच पारंपरिक मांदल की गूंज से वातावरण सराबोर रहा। 45 से अधिक मांदल दलों ने अपनी प्रस्तुति से समा बांध दिया।
जनजातीय समुदाय के साथ बड़ी संख्या में पहुंचे विदेशी सैलानियों ने भी मांदल की थाप पर जमकर भगोरिया नृत्य किया और इस अनूठे दृश्य को अपने कैमरों में कैद किया।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर भी भगोरिया उत्सव में शामिल हुईं। वे आदिवासी वेशभूषा में नजर आईं और मांदल की ताल पर नृत्य करते हुए थाली बजाकर सभी का ध्यान आकर्षित किया। उनका उत्साह और सहभागिता कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही।
होली पर्व के मद्देनजर ग्रामीणों ने पारंपरिक वस्त्रों, आभूषणों और अन्य सामग्री की जमकर खरीदारी की। इस वर्ष बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक मांडू पहुंचे, जिन्होंने ऐतिहासिक धरोहरों के बीच आदिवासी संस्कृति को नजदीक से देखा और सराहा।
उत्सव के दौरान पुलिस प्रशासन के चाक-चौबंद इंतजाम रहे। सुरक्षा व्यवस्था के बीच भगोरिया पर्व शांतिपूर्ण और उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसने एक बार फिर मांडू की सांस्कृतिक पहचान को जीवंत कर दिया
