वर्षों की मांग पूरी: हाईकोर्ट के आदेश पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राजनगर में डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों की पदस्थापना
अयोध्या बी.एल. सिंह
अनूपपुर। जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राजनगर में आखिरकार वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हो गया है। लंबे समय से स्थायी डॉक्टर और आवश्यक स्वास्थ्यकर्मियों की कमी झेल रहे इस केंद्र में अब स्थाई चिकित्सक के रूप में डॉ. सतीश शर्मा की पदस्थापना कर दी गई है। साथ ही सभी जरूरी स्वास्थ्यकर्मी भी तैनात कर दिए गए हैं। मरीजों की त्वरित आवाजाही और आपातकालीन सेवाओं के लिए एक एंबुलेंस की भी व्यवस्था की गई है।
गौरतलब है कि राजनगर स्वास्थ्य केंद्र का वर्षों पहले उन्नयन तो हो गया था, लेकिन स्थायी चिकित्सक की नियुक्ति नहीं हो पाई थी। मजबूरी में केवल सप्ताह में दो दिन वैकल्पिक रूप से डॉक्टर भेजे जाते थे, जिससे ग्रामीणों को इलाज के लिए कई किलोमीटर दूर अन्य स्वास्थ्य केंद्रों या जिला अस्पताल का रुख करना पड़ता था।
इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय लोगों ने लगातार आवाज उठाई, वहीं नगर परिषद राजनगर के पार्षद विकास प्रताप सिंह ने इसे लेकर सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने मामला मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के संज्ञान में लाते हुए जनहित याचिका दायर की।
न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र कार्रवाई के आदेश दिए, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल कदम उठाए। वार्ड पार्षद विकास प्रताप सिंह ने कहा—“यह कदम हाईकोर्ट के आदेश पर जनहित याचिका के परिणामस्वरूप संभव हो पाया है। अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राजनगर में मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन अतिरिक्त स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए संघर्ष अभी जारी रहेगा।”
स्थानीय नागरिकों और ग्रामीणों ने डॉक्टर एवं स्वास्थ्यकर्मियों की पदस्थापना और एंबुलेंस उपलब्ध होने पर खुशी व्यक्त करते हुए न्यायालय, प्रशासन और समाजसेवी प्रयासों के लिए आभार जताया। उनका मानना है कि यह निर्णय न केवल क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करेगा, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भरोसा भी बहाल करेगा।


















