मेहगांव सामूहिक आत्महत्या कांड में नया मोड़
उपनिरीक्षक नरपत सिंह ठाकुर व दर्शना पाटीदार पर एफआईआर के आदेश
रिपोर्टर : ब्यूरो शैलेंद्र जोशी, धार
धार। बहुचर्चित मेहगांव सामूहिक आत्महत्या कांड में न्यायालय ने बड़ा आदेश जारी करते हुए तत्कालीन उपनिरीक्षक नरपत सिंह ठाकुर और मुख्य आरोपी दर्शना पाटीदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं यह मामला राम मंदिर के पुजारी अजय दुबे और उनके पुत्र शशांक दुबे की दुखद सामूहिक आत्महत्या से जुड़ा है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था
पीड़िता भारती दुबे ने अधिवक्ता विकास भारद्वाज, अधिवक्ता प्रदीप दुबे और अधिवक्ता अभिषेक न्यायिक (धरमपुरी) के माध्यम से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 175(3) के तहत परिवाद प्रस्तुत किया था। आरोप लगाया गया था कि जांच के दौरान उपनिरीक्षक नरपत सिंह ठाकुर की संदिग्ध भूमिका होने के बावजूद उन्हें आरोपियों में शामिल नहीं किया गया
मामले पर विचारण के बाद न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी विवेक जैन ने आदेश पारित करते हुए उपनिरीक्षक नरपत सिंह ठाकुर के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने तथा तत्कालीन धामनोद थाना प्रभारी को मामले की जांच सौंपने के निर्देश दिए यह निर्णय पुलिस विभाग के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है और अब मामले की जांच नए सिरे से गहराई में पहुंच सकती है
इसके साथ ही न्यायालय ने मुख्य आरोपी दर्शना पाटीदार के विरुद्ध चोरी का प्रकरण दर्ज करने के भी निर्देश दिए हैं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि दर्शना पाटीदार की भूमिका महत्वपूर्ण रही है और उसे बचाने का प्रयास लंबे समय से किया जा रहा था
पीड़ित परिवार ने न्यायालय के आदेश को न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। परिवार का कहना है कि अब सच सामने आएगा और उन सभी व्यक्तियों पर कार्यवाही होगी जिनकी भूमिका अब तक दबाई जा रही थी
मेहगांव की यह दर्दनाक घटना पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का कारण बनी थी, और अब न्यायालय के आदेश से इस संवेदनशील मामले में न्याय की नई राह खुलती दिख रही है
बाइट 01 – ललित दुबे, पीड़ित
बाइट 02 – प्रदीप दुबे, अधिवक्ता


















