संपूर्ण गोवंश हत्या बंदी के लिये सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग
एमसीबी/मनेन्द्रगढ़। जिले के मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ में युवाओं के संगठन द्वारा गोवंश रक्षण, संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपस्थित युवाओं ने गोवंश की निरंतर घटती संख्या पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए संपूर्ण गोवंश हत्या बंदी के लिए सरकार से प्रभावी और स्थायी कदम उठाने की मांग की है।
इस बैठक में रामनारायण, दीपक, प्रवीण कुमार, विनय पोद्दार, वाशु, नीतेश मेघानी, भरत दुबे, राजेश सोंधिया, रूपचन्द्र, संजय, रोहित, राज गुप्ता, हीरा रजक एवं राजेश कुमार रजक सहित कई युवा उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर गोवंश रक्षण की रूपरेखा तैयार करने पर सहमति जताई।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि भारत में कई दशकों से गौ रक्षा का आंदोलन चल रहा है बावजूद इसके गोवंश की संख्या लगातार कम होती जा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार हर वर्ष लगभग साढ़े तीन करोड़ गोवंश की हत्या हो रही है। कई राज्यों में गौ हत्या पर कठोर कानून बने होने के बावजूद उनके प्रभावी क्रियान्वयन के अभाव में समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
युवाओं ने यह भी उल्लेख किया कि कुछ राज्यों द्वारा गोपालकों एवं गोशालाओं को आर्थिक सहायता जैसे सकारात्मक प्रयास किये गये हैं फिर भी गोवंश संरक्षण के अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आ रहे हैं। गौ रक्षकों के अथक प्रयासों के बावजूद कुल हत्या का केवल 1 से 2 प्रतिशत गोवंश ही बचाया जा पा रहा है। बैठक में ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा गया कि छत्रपति शिवाजी महाराज, अमर बलिदानी मंगल पांडेय जैसे महापुरुषों के समय से गौ रक्षा का आंदोलन चलता आ रहा है वहीं स्वामी करपात्री महाराज के नेतृत्व में वर्ष 1966 में दिल्ली में हुए विशाल गौ आंदोलन का भी स्मरण किया गया जहां गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग को लेकर लाखों साधु-संत और गौ भक्त एकत्र हुए थे। युवाओं ने कहा कि गोवंश रक्षा के लिए हजारों लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी है और आज भी लाखों लोग तन-मन-धन से गौ सेवा में लगे हैं। इसके बावजूद यदि संपूर्ण गोवंश हत्या बंदी नहीं हो पा रही है तो यह गंभीर आत्ममंथन का विषय है। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि आज केंद्र और कई राज्यों में गौ भक्तों की सरकारें हैं। ऐसे में यदि अब भी गोवंश का संरक्षण नहीं हो सका, तो भविष्य में इसके बचने की आशा करना कठिन होगा। युवाओं ने आह्वान किया कि जनमानस को जागरूक कर सरकार पर सकारात्मक दबाव बनाया जाये ताकि संपूर्ण गोवंश हत्या बंदी का लक्ष्य साकार हो सके। अंत में सभी ने एक स्वर में कहा कि यह सरकार अपनी है और प्रेम,आग्रह और जनदबाव के माध्यम से इन्हीं के हाथों से गौ रक्षा सुनिश्चित करानी होगी।










