अमरकंटक। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (आईजीएनटीयू) अमरकंटक में मालवीय मिशन प्रशिक्षण केंद्र द्वारा “पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान प्रणाली के एकीकरण” विषय पर 6 दिवसीय प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार को हुआ। उद्घाटन प्रभारी कुलपति प्रो. ब्योमकेश त्रिपाठी ने माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान प्रणाली विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए समग्र दृष्टिकोण प्रदान करती है और यह स्वदेशी एवं स्थानीय ज्ञान को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम है।
डीन अकादमिक प्रो. भूमिनाथ त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय ज्ञान प्रणाली का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से प्राचीन काल से गहरा संबंध रहा है तथा जनजातीय समुदाय बौद्धिक व आध्यात्मिक रूप से समृद्ध रहे हैं। समन्वयक प्रो. एम.टी.वी. नागराजू ने प्रशिक्षण की रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि प्रो. तरुण कुमार ठाकुर ने भी विचार व्यक्त किए। शिक्षा संकाय के अधिष्ठाता प्रो. ज्ञानेंद्र कुमार राउत ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।
कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की डॉ. सुनीता पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त हैं। प्रशिक्षण में 30 शिक्षक और 35 शोधार्थी भाग ले रहे हैं, जिन्हें भारतीय ज्ञान प्रणाली को पाठ्यक्रम में प्रभावी रूप से शामिल करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।









