संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय
अमरकंटक (अनूपपुर) – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली/पवित्र नगरी अमरकंटक जो प्रदेश का प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक तीर्थ में संत शिरोमणि संत गुरु रविदास जी की जयंती प्रकाशोत्सव के रूप में श्रद्धा , भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुई । इस अवसर पर संपूर्ण क्षेत्र भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा ।
उल्लेखनीय है कि संत गुरु रविदास जी की पावन जयंती परंपरागत रूप से माघ मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है किंतु विभिन्न स्थानों पर अनुयायियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु अमरकंटक में यह पर्व फाल्गुन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी दिन सोमवार तारीख 16 फरवरी 2026 को प्रकाशोत्सव के रूप में आयोजित किया गया ।
इस पावन अवसर पर भक्तों , अनुयायियों एवं समर्थकों द्वारा पारंपरिक विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया । वार्ड क्रमांक 8 स्थित नवोदय विद्यालय और कपिला संगम मार्ग तिराहा से विधिवत पूजन उपरांत संत गुरु रविदास जी की भव्य पालकी एवं शोभायात्रा निकाली गई ।
शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों , धफली एवं भजन-कीर्तन के साथ नगर के प्रमुख मार्गों से उत्साहपूर्वक निकाली गई । सैकड़ों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं की आस्था , उत्साह और भक्ति ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया ।
आयोजन में मध्य प्रदेश के विभिन्न अंचलों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ एवं पंजाब से भी बड़ी संख्या में अनुयायी शामिल हुए । विशेष रूप से पंजाब से पधारे संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा को और बढ़ा दिया ।
इससे पूर्व स्थापित प्रतिमा स्थल पर विधिवत पूजन-अर्चन एवं आरती संपन्न हुई, जिसके पश्चात शोभायात्रा प्रारंभ हुई । श्रद्धालु पूरे मार्ग में भजन गाते हुए एवं जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे । संपूर्ण आयोजन श्रद्धा , आस्था और सामाजिक समरसता का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर संपन्न हुआ ।









