अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली/ पवित्र नगरी जिला अनूपपुर और शहडोल संभाग की पावन एवं आध्यात्मिक नगरी अमरकंटक एक बार पुनः भक्ति , आस्था और उत्सव के दिव्य संगम की साक्षी बनने जा रही है । पांच दिवसीय महाशिवरात्रि मेला 14 फरवरी 2026 दिन शनिवार से 18 फरवरी 2026 दिन बुधवार तक भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा । मेला आयोजन हेतु सभी आवश्यक तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं । जिला प्रशासन अनूपपुर के मार्गदर्शन एवं नगर परिषद अमरकंटक के समन्वित प्रयासों से संपूर्ण मेला क्षेत्र को सुव्यवस्थित एवं आकर्षक स्वरूप प्रदान किया गया है ।
महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर लाखों श्रद्धालु , तीर्थयात्री एवं पर्यटक पतित पावनी माँ नर्मदा के पवित्र तट पर स्नान , दर्शन , पूजन-अर्चन एवं साधना हेतु मध्य प्रदेश , छत्तीसगढ़ , उत्तर प्रदेश एवं महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों से अमरकंटक पहुँचते हैं । विशेष रूप से नर्मदा उद्गम स्थल , रामघाट , कोटि तीर्थ घाट , पुष्कर डेम एवं अरंडी संगम तट पर श्रद्धालुओं की आस्था का विशाल जन सैलाब उमड़ेगा । श्रद्धालु पवित्र जल में स्नान कर आध्यात्मिक शांति एवं पुण्य लाभ अर्जित करेंगे ।
यह मेला केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक एवं आर्थिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र बनता है । मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के विभिन्न अंचलों से व्यापारी इस अवसर पर अपनी दुकानें सजाकर मेले की रौनक बढ़ाते हैं । मेला मैदान को व्यापारिक गतिविधियों के लिए सुव्यवस्थित रूप से तैयार किया गया है जिससे श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को खरीदारी में सुविधा मिल सके ।
जिला प्रशासन द्वारा मध्यप्रदेश शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विकास प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी जिससे आमजन को शासन की योजनाओं की जानकारी प्राप्त हो सके । इसके साथ ही पांचों दिवसों तक म प्र , छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक संध्या में गायन एवं नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी , जिनका हजारों श्रद्धालु एवं पर्यटक आनंद लेंगे । यह आयोजन आध्यात्मिकता के साथ-साथ लोकसंस्कृति के रंगों से भी सराबोर रहेगा ।
नगर परिषद अमरकंटक के मुख्य नगर पालिका अधिकारी चैन सिंह परस्ते एवं नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती पार्वती सिंह उइके ने बताया कि मेला आयोजन हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित कर ली गई हैं । मेला क्षेत्र में स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है । श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु मोबाइल टॉयलेट , पेयजल टैंकर , प्रकाश व्यवस्था एवं नियमित साफ-सफाई के विशेष प्रबंध किए गए हैं । साथ ही मेला मैदान के समीप सुव्यवस्थित वाहन पार्किंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है जिससे यातायात सुचारु बना रहे ।
सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त पुलिस बल एवं सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी ताकि श्रद्धालु निर्भय होकर दर्शन एवं मेले का आनंद ले सकें । प्रशासन का उद्देश्य है कि यह महाशिवरात्रि मेला श्रद्धा , शांति और सुव्यवस्था का आदर्श उदाहरण बने ।
निस्संदेह , अमरकंटक का यह पांच दिवसीय महोत्सव भक्ति , संस्कृति एवं सामाजिक समरसता का दिव्य उत्सव बनकर प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव सिद्ध होगा ।









