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तानाशाह प्रभारी प्राचार्य शासकीय महाविद्यालय जैतहरी के सामने नहीं चलती नियम और कानून 

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मिली जानकारी के मुताबिक शासकीय महाविद्यालय जैतहरी के लैब टेक्नीशियन कैलाश पाल सहित आठ आउटसोर्स कर्मचारियों का बिना कोई कारण बताए 30/8/2025 को अचानक मौखिक रूप से फ़रमान जारी करते हुए प्रभारी प्राचार्य शासकीय महाविद्यालय जैतहरी के द्वारा सेवा समाप्त कर दिया गया है। गैरकानूनी तरीके से हटाएं गये आउटसोर्स कर्मचारी कलेक्टर जिला अनूपपुर एवं सीएम हेल्पलाइन भोपाल में शिकायत करते थक हार गए लेकिन तानाशाह प्रभारी प्राचार्य की तानशाही पर अंकुश लगाने में कोई काम नहीं आया।

जानकारों की मानें तो किसी कर्मचारी की सेवा समाप्त करने के लिए छंटनी की पूर्व शर्तों का पालन करना अनिवार्य होता है लेकिन प्रभारी प्राचार्य संसद और विधान सभा से भी ऊपर उठकर मनमानी तरीके से आउटसोर्स कर्मचारियों का सेवा समाप्त कर कर्मचारियों को श्रम कानून में मिले अधिकारों का हनन कर सेवा समाप्त कर कर्मचारियों के परिवार का जीविका छीन लिया है जिससे आउटसोर्स कर्मचारी एवं उसके परिवार रोड़ पर आ खड़ा होने की स्थिति में पहुंच गए हैं।

आउटसोर्स कर्मचारियों का कहना है कि संसद ने हायर एंड फायर की नीति 21 नवंबर से लागू किया है लेकिन शासकीय महाविद्यालय जैतहरी के प्राचार्य संसद की कार्यवाही से एक कदम आगे बढ़ कर तीन माह पहले ही आउटसोर्स कर्मचारियों का सेवा समाप्त कर यह संदेश दिया है कि श्रम कानून उसके सामने कोई मायने नहीं रखता है।

आउटसोर्स कर्मचारियों का कहना है कि डाक्टर भीमराव अम्बेडकर ने संविधान के बहस के दौरान कहा था कि संविधान का पालन करवाने वाले अच्छे विचार के लोग हैं तो संविधान अच्छा है और यदि संविधान का पालन करवाने वाले लोग अच्छे विचार के नहीं हैं तो संविधान में कमियां ही कमियां हैं, आज बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर जी का वो चिंतन प्रभारी प्राचार्य के गैरकानूनी कार्यवाही से स्पष्ट हो जाता है।

आउटसोर्स कर्मचारियों ने जिला प्रशासन से मांग किया है कि श्रम कानून की रक्षा करते हुए काम से हटाएं गये कर्मचारियों को काम पर तत्काल वापस लिए जाने प्रभारी प्राचार्य को आदेशित करें ताकि कानून के प्रति विश्वास बनीं रहें।

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